डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के उत्तर क्षेत्र प्रचारक प्रमुख बनवीर सिंह ने कहा है कि समाज के सभी वर्गों तक शिक्षा पहुँचाने का जिम्मा केवल सरकार का नहीं है, बल्कि सभी नागरिकों को अपने सामर्थ्य के अनुसार योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में मनुष्यता का संस्कार, कर्तव्य और विवेक की शिक्षा, साहस और धैर्य का प्रशिक्षण मुख्यतः परिवार और घर से ही प्राप्त होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि नई और पुरानी पीढ़ी के बीच संवाद से समाज के प्रति जिम्मेदारी, व्यक्तिगत और राष्ट्रीय चरित्र के गुण, श्रम और मूल्य श्रद्धा, तथा बुराइयों से दूर रहने की प्रवृत्ति विकसित होती है। शिक्षा केवल विद्यालयीन नहीं होनी चाहिए, बल्कि परिवार और समाज के अनुभवों से प्राप्त संस्कारों, करुणा और सह-अनुभूति की सीख भी शिक्षा का हिस्सा होनी चाहिए।
चंडीगढ़ में आयोजित
यह विचार डा. मोहन भागवत, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक द्वारा शिक्षा विषय पर विभिन्न स्थानों पर व्यक्त विचारों के संकलन “भारतीय शिक्षा दृष्टि” के पंजाबी अनुवाद के लोकार्पण कार्यक्रम में साझा किए गए। यह कार्यक्रम केशव निवास, चंडीगढ़ में आयोजित किया गया।
यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा
संपर्क विभाग, विद्या भारती पंजाब के सौजन्य से रवि कुमार द्वारा संकलित पुस्तक का पंजाबी अनुवाद प्रकाशित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक बनवीर सिंह मुख्य वक्ता थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ध्रुव कन्या शुक्ला ने की।

कार्यक्रम की प्रस्तावना विद्या भारती के उत्तर क्षेत्र संगठन मंत्री विजय नड्डा ने रखी। इस मौके पर विद्या भारती पंजाब प्रांत संगठन मंत्री राजेंद्र, संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख अजय, चंडीगढ़ विभाग कार्यवाह एडवोकेट बलजिंदर सिंह, तथा विद्या भारती संपर्क विभाग के सदस्य रमेश अरोड़ा, परवीन गुप्ता, मनीष शर्मा और करमजीत परमार उपस्थित थे।
बनवीर सिंह ने यह भी जोर दिया कि शिक्षा का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कृति, मातृभाषा और पर्यावरण के प्रति आत्मीयता पैदा करना होना चाहिए और यह शिक्षा स्वाभिमान और समाज के गौरव को बढ़ाने वाली होनी चाहिए।








