डेली संवाद, जालंधर। IKGPTU News: आई.के.गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (आई.के.जी पी.टी.यू) में इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (आईक्यूएसी) की तरफ से “नैक एक्रेडिटेशन प्रोसेस: कंटेम्पररी फ्रेमवर्क चुनौती एवं समाधान” विषय पर एक स्पेशल लेक्चर ऑर्गनाइज़ किया गया। इस मौके पर कुलपति प्रोफ़ेसर (डॉ.) सुशील मित्तल मुख्यातिथि रहे। डॉ. हरविंदर कौर सिद्धू, डीन देश भगत यूनिवर्सिटी, मंडी गोबिंदगढ़ बतौर मुख्य वक्ता उपस्थित हुईं।
डॉ. हरविंदर कौर सिद्धू ने एक्रेडिटेशन प्रोसेस, इससे जुड़े चैलेंज और मौजूदा फ्रेमवर्क के अनुसार पॉसिबल सॉल्यूशन पर डिटेल में बात की। उन्होंने कहा कि हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन के लिए क्वालिटी स्टैंडर्ड बनाए रखना और लगातार सुधार करना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने यूनिवर्सिटी के अधिकारियों और फैकल्टी मेंबर्स को नैक नॉर्म्स के अनुसार डॉक्यूमेंटेशन, एकेडमिक एक्टिविटीज़ और रिसर्च पर खास ध्यान देने के लिए मोटिवेट किया।

सही रिकॉर्ड रखने की सलाह दी
डॉ. सिद्धू ने कहा कि एक्रेडिटेशन प्रोसेस में सही और प्रॉपर डॉक्यूमेंटेशन सबसे ज़रूरी रोल निभाता है। उन्होंने फैकल्टी मेंबर्स और अधिकारियों को हर एकेडमिक और एडमिनिस्ट्रेटिव एक्टिविटी का सही रिकॉर्ड रखने की सलाह दी, ताकि एक्रेडिटेशन के दौरान इंस्टीट्यूशन की परफॉर्मेंस साफ तौर पर दिखाई दे।
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यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. (डॉ.) सुशील मित्तल ने कहा कि नैक एक्रेडिटेशन प्रोसेस किसी भी हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन की क्वालिटी और क्रेडिबिलिटी का एक ज़रूरी क्राइटेरिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्पेशल लेक्चर फैकल्टी और एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ के लिए बहुत लाभकारी साबित होते हैं। रजिस्ट्रार डॉ. नवदीपक संधू ने नैक एक्रेडिटेशन प्रोसेस में सही डॉक्यूमेंटेशन एवं टीम वर्क करने की अहमियत पर बात की।
डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो. डॉ. प्रवीण बंसल ने नैक स्टैंडर्ड्स के बारे में जानकारी सांझी की। इस मौके पर वित्त अधिकारी डॉ. एसएस वालिया, आईक्यूएसी ऑफिसर इन-चार्ज डिप्टी कंट्रोलर डॉ. संदीप काजल, डिप्टी लाइब्रेरियन डॉ. मधु मिड्डा के साथ यूनिवर्सिटी के ऑफिसर, फैकल्टी और कर्मचारी मौजूद थे। आखिर में डीन अकादमिक डॉ. यादविंदर सिंह बराड़ ने धन्यवाद प्रस्ताव पढ़ा।








