डेली संवाद, नई दिल्ली। Iran-Israel War: ईरान (Iran) युद्ध ने एशियाई देशों के परिचालन को काफी हद तक प्रभावित किया है। अधिकांश देशों में तेल की आपूर्ति या तो पूरी तरह से बंद हो गई है या बुरी तरह प्रभावित हुई है। कुछ देशों में तेल भंडार तेजी से घट रहा है।
वहीं कुछ कई देशों ने ऊर्जा संकट से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाना शुरू कर दिया है। कई देशों में तेल की बढ़ती कमी भी परिचालन को प्रभावित कर रही है। देश ऊर्जा संकट को रोकने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं।
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दुनिया के कई हिस्सों में तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन एशिया विशेष रूप से इससे प्रभावित हुआ है। वहीं भारत में भी गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
थाईलैंड में घर से काम करने का आदेश
थाईलैंड (Thailand) सरकार ने कर्मचारियों को घर से काम करने का आदेश दिया है। सरकारी कार्यालयों में एयर कंडीशनिंग का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस पर सेट किया जाएगा। अधिकारियों को विदेश यात्रा से बचने की सलाह भी दी गई है।
फिलीपींस में चार दिवसीय कार्य सप्ताह
फिलीपींस (Philippines) में राष्ट्रपति के आदेश के बाद चार दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया गया है। देश की 90% तेल की आपूर्ति खाड़ी देशों से होती है, और यह कदम ऊर्जा संकट से निपटने के लिए उठाया गया है।
श्रीलंका में ईंधन महंगा
श्रीलंका में ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। देश ने जमाखोरी रोकने के लिए खुदरा ईंधन की कीमतें बढ़ा दी हैं। पिछले एक साल से आर्थिक स्थिति के कारण देश में ईंधन की कमी देखी गई थी।
पाकिस्तान में स्कूल बंद
पाकिस्तान ने ईंधन की बचत के लिए स्कूलों को दो सप्ताह के लिए बंद करने समेत कई उपायों की रूपरेखा तैयार की है। पंजाब प्रांत में शिक्षण संस्थान 31 मार्च 2026 तक बंद रहेंगे। इसके साथ ही मंत्रियों के वेतन पर अस्थायी रोक भी लगा दी गई है।








