डेली संवाद, नई दिल्ली। LPG Gas Booking Rules Change News: पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। अमेरिका और इजराइल के साथ ईरान के बीच बढ़ते टकराव के कारण वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत में रसोई गैस यानी एलपीजी (LPG) की उपलब्धता पर भी पड़ा है। देश के कई राज्यों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं और सिलेंडरों की कमी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
स्थिति को नियंत्रित करने और आपूर्ति को संतुलित रखने के लिए केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की बुकिंग से जुड़े नियमों में फिर बदलाव किया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर लेने के बाद अगला सिलेंडर बुक (LPG Gas Booking) करने के लिए कम से कम 45 दिन का इंतजार करना होगा। सरकार का कहना है कि यह कदम गैस की सप्लाई को बेहतर तरीके से मैनेज करने और अफवाहों के कारण हो रही “पैनिक बुकिंग” को रोकने के लिए उठाया गया है।
संसद में दी गई जानकारी
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने संसद में इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि हाल के दिनों में एलपीजी (LPG) की मांग अचानक बढ़ गई है। कई उपभोक्ता जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक करने लगे थे, जिससे वितरण व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा था। ऐसे में बुकिंग के बीच न्यूनतम समय अंतराल तय करना जरूरी हो गया था।
सरकार के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में एलपीजी (LPG) बुकिंग से जुड़े नियमों में चरणबद्ध तरीके से बदलाव किए गए हैं। 6 मार्च को घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर बुकिंग के लिए 21 दिन का लॉक-इन पीरियड लागू किया गया था। इससे पहले उपभोक्ताओं के लिए बुकिंग के बीच किसी तय अंतराल का नियम नहीं था। इसके बाद 9 मार्च को अचानक मांग बढ़ने के कारण तेल विपणन कंपनियों ने शहरी क्षेत्रों में यह लॉक-इन पीरियड बढ़ाकर 25 दिन कर दिया।

अफवाहों के कारण फैसला
सरकार और कंपनियों को लगने लगा था कि अफवाहों के चलते लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक कर रहे हैं। हालांकि स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं होने पर 12 मार्च को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नया नियम लागू किया गया। इसके तहत अब गांवों में सिलेंडर लेने के बाद अगली बुकिंग के लिए 45 दिन का अंतर अनिवार्य कर दिया गया है। पहले ग्रामीण इलाकों में यह अंतर काफी कम था। सरकार का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आमतौर पर एक परिवार सालभर में औसतन पांच एलपीजी (LPG) सिलेंडर ही इस्तेमाल करता है।
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इस हिसाब से सामान्य परिस्थितियों में दो सिलेंडरों के बीच काफी लंबा अंतर रहता है। इसलिए जल्दी-जल्दी बुकिंग की जरूरत नहीं पड़ती। लेकिन हाल ही में यह देखा गया कि अफवाहों और आपूर्ति को लेकर फैली आशंकाओं के कारण कई उपभोक्ता बिना जरूरत के भी सिलेंडर बुक कर रहे थे। कुछ लोग अतिरिक्त सिलेंडर जमा करके रखने लगे थे, जिससे गैस एजेंसियों पर अचानक दबाव बढ़ गया।

55 दिनों के अंतराल पर सिलेंडर बुक
पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पहले जहां अधिकांश उपभोक्ता औसतन 50 से 55 दिनों के अंतराल पर सिलेंडर बुक कराते थे, वहीं पिछले कुछ दिनों में यह अंतर घटकर करीब 15 दिन रह गया था। बड़ी संख्या में एडवांस बुकिंग होने से गैस वितरण प्रणाली प्रभावित होने लगी थी। इस स्थिति का फायदा उठाकर कुछ जगहों पर सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी की शिकायतें भी सामने आई हैं। कई राज्यों में प्रशासन ने इस पर नजर रखनी शुरू कर दी है और अवैध तरीके से सिलेंडर बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
सरकार ने तेल कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे सभी एजेंसियों पर आपूर्ति की स्थिति पर नजर रखें और जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त स्टॉक उपलब्ध कराएं। साथ ही उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही सिलेंडर बुक करें। मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह बंद नहीं हुई है, लेकिन वैश्विक हालात और अचानक बढ़ी मांग के कारण वितरण में अस्थायी दबाव जरूर बना है।
नियमित सप्लाई मिलने लगेगी
उम्मीद जताई जा रही है कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगी और उपभोक्ताओं को जल्द ही नियमित सप्लाई मिलने लगेगी। सरकार का मानना है कि बुकिंग के बीच समय सीमा तय करने से अनावश्यक स्टॉकिंग रुकेगी और एलपीजी (LPG) सिलेंडरों का वितरण अधिक संतुलित तरीके से हो सकेगा, जिससे सभी उपभोक्ताओं तक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।








