US H1B Visa: अमेरिका के VISA नियमों में बदलाव, अब इस आधार पर मिलेगा वीजा

अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ने फॉर्म I-129 का नया सिस्टम बनाया है, जो 1 अप्रैल 2026 से अनिवार्य होगा। इस नई प्रक्रिया में कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों की नौकरी से जुड़ी जानकारी विस्तार से देनी होगी।

Muskaan Dogra
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US H1B Visa
Punjab Government
Highlights
  • H-1B वीजा में वेतन आधारित चयन प्रणाली लागू
  • फॉर्म I-129 का नया सिस्टम 1 अप्रैल 2026 से अनिवार्य
  • उच्च वेतन वाले पेशेवरों को अधिक मौके
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⏱️ 3 मिनट पढ़ने का समय|📝 351 शब्द|📅 13 Mar 2026

डेली संवाद, अमेरिका। US H1B Visa: अमेरिका (America) ने H-1B वीजा प्रक्रिया में ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब वीजा आवेदकों का चयन रैंडम लॉटरी (Random Lottery) के बजाय वेतन स्तर के आधार पर होगा।

इसके लिए अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ने फॉर्म I-129 का नया सिस्टम बनाया है, जो 1 अप्रैल 2026 से अनिवार्य होगा। इस नई प्रक्रिया में कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों की नौकरी से जुड़ी जानकारी विस्तार से देनी होगी। अधिक अनुभव और उच्च वेतन वाले पेशेवरों को वीजा (Visa) मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।

चार वेतन स्तरों में बांटा

नए सिस्टम के तहत आवेदकों को चार वेतन स्तरों (लेवल-1 से लेवल-4) में बांटा जाएगा। जितना उच्च वेतन, उतने अधिक मौके। उदाहरण के लिए, लेवल-4 के उम्मीदवार को चार मौके मिलेंगे, जबकि लेवल-1 को सिर्फ एक।

Donald Trump
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इसके साथ ही H-1B वीजा (Visa) की फीस भी अब पहले से कई गुना अधिक हो गई है। पहले यह लगभग 9,000 डॉलर (करीब 8.3 लाख रुपये) थी, जिसे सितंबर 2025 में बढ़ाकर 1 लाख डॉलर (करीब 90 लाख रुपये) कर दिया गया। वीजा कुल 6 साल के लिए जारी होता है (3-3 साल के दो चरण), जिसके बाद आवेदक ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकता है।

अमेरिका को टैलेंट की जरूरत

ट्रम्प (Donald Trump) प्रशासन का H-1B पर रवैया हमेशा बदलता रहा है। पहले इसे अमेरिकी हितों के खिलाफ बताया गया, जबकि हाल ही में ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका को टैलेंट की जरूरत है। इसके अलावा, ट्रम्प ने ‘गोल्ड कार्ड, प्लेटिनम कार्ड और कॉर्पोरेट गोल्ड कार्ड’ जैसी नई वीजा सुविधाएं भी लॉन्च की हैं। ट्रम्प गोल्ड कार्ड (लगभग 8.8 करोड़ रुपये) धारक को अमेरिका में अनलिमिटेड रहने का अधिकार देगा।

USA America
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भारत हर साल लाखों इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट तैयार करता है। कंपनियां जैसे इंफोसिस, TCS, विप्रो, कॉग्निजेंट और HCL सबसे अधिक H-1B वीजा स्पॉन्सर करती हैं। बढ़ी हुई फीस और नई नीति के कारण अब भारतीय टैलेंट यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और मध्य पूर्व की ओर रुख कर सकता है।

















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मुस्कान डोगरा, डेली संवाद ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वे क्राइम, राजनीति और लोकल खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। वह 4 सालों से अधिक समय से Daily Samvad (Digital) में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत डेली संवाद से की। उन्होंने हरियाणा के महर्षि दयानंद युनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन की डिग्री हासिल की है।
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