डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा “साडे बुजुर्ग साडा माण” अभियान के तहत लगाए गए राज्य स्तरीय स्वास्थ्य जांच कैंपों के दौरान लगभग 37 हजार बुजुर्ग नागरिकों का पंजीकरण किया गया है। यह जानकारी सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार बुजुर्गों को अपना अनमोल धरोहर मानती है और उनकी सुरक्षा तथा सम्मान सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। डॉ. बलजीत कौर ने (Dr. Baljit Kaur) जोर देकर कहा कि बुजुर्ग हमारे परिवारों और समाज की मजबूत नींव हैं, जिनके अनुभव भविष्य की पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार और समाज दोनों की नैतिक जिम्मेदारी है कि बुजुर्गों को सम्मान, देखभाल और अपनत्व के साथ जीवन बिताने के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान किया जाए।
बुजुर्ग नागरिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध
“ऐसी पहलों के माध्यम से हम बुजुर्गों के साथ हर चरण पर खड़े रहने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं,” उन्होंने कहा। उन्होंने आगे बताया कि इन स्वास्थ्य कैंपों में आंखों की जांच, कैंसर स्क्रीनिंग, एनसीडी स्क्रीनिंग, ऑर्थोपेडिक जांच, ईएनटी चेक-अप, फिजियोथेरेपी और विशेषज्ञों द्वारा मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन जैसी सेवाएं प्रदान की गईं।
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कैबिनेट मंत्री ने बताया कि मोतियाबिंद सर्जरी के लिए 1756 पंजीकरण किए गए, जिनमें से 539 सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं। इसके अलावा 1274 कैंसर स्क्रीनिंग, 4863 ऑर्थोपेडिक चेक-अप, 6339 एनसीडी स्क्रीनिंग, 9015 आंखों की जांच, 2593 ईएनटी चेक-अप और 1621 फिजियोथेरेपी सेवाएं उपलब्ध करवाई गईं।
उन्होंने कहा कि ALIMCO के माध्यम से 418 लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें सहायक उपकरण प्रदान किए गए और 3014 विजन चश्मे भी वितरित किए गए हैं। डॉ. बलजीत कौर ने दोहराया कि विभाग बुजुर्ग नागरिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी ऐसी पहल जारी रखी जाएंगी।








