डेली संवाद, जालंधर। DISP News: डिप्स संस्थान में शिक्षण को अधिक प्रभावी, सरल और आनंददायक बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। यहाँ शिक्षकों को प्रेरित किया जाता है कि वे पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर शिक्षण को रोचक और गतिविधि-आधारित बनाएं। इसके लिए टीचिंग एड्स, फ्लैश कार्ड्स, चार्ट्स, मॉडल्स आदि का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थी विषयों को आसानी से समझ सकें और लंबे समय तक याद रख सकें।
प्ले-वे पद्धति के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर दिया जा रहा है, जिससे उनकी रुचि और सहभागिता दोनों बढ़ती हैं। जब विषयों को वास्तविक वस्तुओं और दैनिक जीवन से जोड़कर समझाया जाता है, तो विद्यार्थियों के लिए उन्हें समझना और भी सरल हो जाता है।

संस्थान में आधुनिक और सुसज्जित लैब्स की सुविधा भी उपलब्ध है, जहां विद्यार्थी प्रयोगों के माध्यम से सीखते हैं और अपने ज्ञान को व्यवहारिक रूप में विकसित करते हैं। इसके साथ ही, विस्तृत और सुरक्षित प्ले एरिया तथा हरे-भरे विशाल खेल मैदान विद्यार्थियों के शारीरिक विकास और खेल कौशल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यहाँ इनडोर और आउटडोर दोनों प्रकार की खेल सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होता है।
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एमडी तरविंदर सिंह ने भी अपने विचार साझा करते हुए शिक्षकों को नवीन, रचनात्मक और छात्र-केंद्रित शिक्षण विधियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा, डिप्स के सभी प्रिंसिपल्स नियमित रूप से फैकल्टी मीटिंग्स में अपने अनुभव और विचार साझा करते हैं, ताकि शिक्षण को और अधिक प्रभावी, रोचक और आनंदमय बनाया जा सके। डिप्स संस्थान का उद्देश्य है कि हर कक्षा एक ऐसी जगह बने, जहाँ सीखना एक आनंददायक अनुभव हो और विद्यार्थी आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की ओर अग्रसर हों।








