डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: ‘भारतीय शिक्षा दृष्टि’शिक्षा के साथ अपने संस्कार देना ही है। यह दृष्टि अपनी संस्कृति, मूल्यों और राष्ट्र हित को ध्यान में रखकर शिक्षा व्यवस्था को आकार देना है। यह दृष्टि 2020 की नई शिक्षा नीति के अनुरूप, रटने के बजाय कौशल-आधारित, मूल्य-आधारित और समग्र विकास पर जोर देती है, जिसका उद्देश्य युवाओं को अपनी विरासत पर गर्व करते हुए एक वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाना है।
फिनलैंड की शिक्षा विश्व में सबसे बढ़िया मानी जाती है। पूछने पर शिक्षाविद बताते हैं कि वह शिक्षा परीक्षा में पास होने केलिये नहीं जीवन में पास होने केलिये देते हैं। जीवन में मनुष्यता का संस्कार भरना, कर्तव्य, अकर्त्तव्य का विवेक सिखाने का काम, साहस से जीवन का सामना करने की शक्ति व धैर्य देने वाला प्रशिक्षण तो अपने घर में ही मिलता है।
नई व पुरानी पीढ़ी में संवाद और धीरे धीरे इस संवाद में समाज के प्रति दायित्व बोध, व्यक्तिगत और राष्ट्रीय चरित्रय के सद्गुण, मूल्य श्रद्धा, श्रम श्रद्धा, आत्मीयता और बुराइयों के आकर्षण से दूर रहने की प्रवृति का निर्माण करना भी शिक्षा का ही उद्देश्य है। शिक्षा के माध्यम से समाज की अगली पीढ़ी के जीवन निर्माण में धर्म का भी महत्वपूर्ण योगदान है क्योंकि उचित मूल्यों पर जीने का ढंग ही धर्म है।
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मातृभाषा के बारे में स्वाभिमान उत्पन्न करने वाली शिक्षा चाहिये क्योंकि अपने रीति रिवाज़, अपनी संस्कृति से जुड़ कर ही सभ्य समाज की रचना हो सकती है। शिक्षा केवल पैसे कमाने वाली ही नहीं होनी चाहिये। भारतीय शिक्षा के वर्तमान प्रतिमान इन सब बातों को ध्यान में रख कर ऐसी युवा पीढ़ी का निर्माण करें जो भारत को आत्मनिर्भर, सक्षम और समर्थ बनाते हुए वैभव संपन्न नए भारत के लक्ष्य को खुली आंखों से देख सके।
ये रहे उपस्थित
इस दौरान उन्होने 1987 में गुरुनानक देव विश्वविद्यालय से अपने एम.ए.इकोनॉमिक्स करने के दौरान हुए अनुभब भी सांझा किये। वह सेंट सोल्जर कैंपस सूरानस्सी के लॉ विभाग के ऑडिटोरियम में बोल रहे थे। इससे पहले आर एस एस के उत्तर क्षेत्र प्रचारक प्रमुख बनवीर सिंह जी के पहुँचने पर ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रो मनहर अरोड़ा जी ने स्वागत किया।
कार्यक्रम में विद्या भारती पंजाब के प्रकाशन विभाग के महामंत्री मनीष शर्मा, जालंधर विभाग सचिव मनदीप तिवारी, सेवा शिक्षा प्रमुख करमजीत परमार, करणवीर, विष्णु दत्त, आर एस एस जालंधर महानगर के सह कार्यवाह दीपक गुप्ता जी, विद्या भारती पंजाब के प्रांत संपर्क प्रमुख सुखदेव वशिष्ठ, संपर्क विभाग के रमेश अरोड़ा जी भी उपस्थित रहे।








