डेली संवाद, जालंधर। Canada News: कनाडा में एक युवक ने फर्जी पंजाबी नाम से कई लेडी डॉक्टरों के साथ अश्लील हरकतें करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को दिसंबर 2025 में गिरफ्तार किया था, लेकिन वह सोशल मीडिया पर तब सुर्खियों में आया जब उसका वीडियो और जानकारी वायरल होने लगी। आरोपी का असली नाम वैभव है, लेकिन उसने अपने आप को आकाशदीप सिंह बताकर महिलाओं को फंसाया। पील रीजनल पुलिस के अनुसार, युवक ने प्राइवेट पार्ट में बीमारी का बहाना बनाकर क्लिनिक में जाकर लेडी डॉक्टरों से अश्लील हरकत कराई और तुरंत वहां से फरार हो गया।
पहचान छिपाने के लिए बनाए फर्जी ID
पुलिस ने बताया कि वैभव ने शिकायतों और गिरफ्तारी से बचने के लिए फर्जी पहचान पत्र तैयार किए। उसने इंडियन ओरिजन के युवक का नाम आकाशदीप सिंह रखकर जाली आईडी और दस्तावेज तैयार किए। इससे वह डॉक्टरों और पुलिस को चकमा दे सकता था। पुलिस ने बताया कि इस फर्जी नाम का इस्तेमाल वह कई महीनों तक करता रहा और अलग-अलग क्लिनिकों में जाकर अपनी हरकतों को अंजाम देता रहा।
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पील रीजनल पुलिस के अनुसार, वैभव पहले क्लीनिक की रेकी करता और पता लगाता कि वहां लेडी डॉक्टर हैं या नहीं। इसके बाद वह मरीज बनकर जाता और किसी काल्पनिक बीमारी का नाटक करता, जिससे डॉक्टर को उसके प्राइवेट पार्ट को छूना जरूरी लगे। जब डॉक्टरों को संदेह नहीं होता, तब वह अपने कपड़े उतार देता और अश्लील हरकत करने के लिए दबाव डालता।

क्लीनिकों की रेकी कर लेडी डॉक्टर चुनता
पुलिस ने बताया कि यह कोई एक बार की हरकत नहीं थी। वैभव ने मिसिसॉगा के कई अलग-अलग क्लिनिकों में यह पैटर्न दोहराया। हर बार वह नया बहाना बनाता और नए क्लिनिक में जाकर महिलाओं को फंसाता। यह पैटर्न महीनों तक चलता रहा और कई लेडी डॉक्टर इसके शिकार बने। जब कुछ डॉक्टरों ने उसकी हरकतों की शिकायत पुलिस को की, तब पील रीजनल पुलिस की 12 डिवीजन क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो सक्रिय हुई। सीसीटीवी फुटेज और फर्जी दस्तावेजों की जांच के बाद पुलिस ने 4 दिसंबर, 2025 को वैभव को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के दौरान पता चला कि शिकायतें आकाशदीप सिंह के नाम से की गई थीं, जबकि असल में उसका नाम वैभव है। पुलिस के अनुसार, वैभव 36 साल का है और मूल रूप से इंडिया का रहने वाला है। वह कनाडा का स्थायी नागरिक (PR) है। जांच में यह सामने आया कि उसने मिसिसॉगा की कई लेडी डॉक्टरों के साथ अश्लील हरकत की है। पुलिस ने बताया कि केस की जांच तीन महीने से स्थानीय कोर्ट में चल रही है। अब वैभव को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

कनाडा पुलिस का बयान
पील रीजनल पुलिस के पब्लिक रिलेशन अफसर ने कहा कि वैभव ने जानबूझकर कई महीनों तक महिलाओं को फंसाया और फर्जी नाम से उनके साथ अश्लील हरकत की। जांच में पाया गया कि उसने पंजाबी ओरिजन के युवक का फेक नाम लेकर डॉक्टरों को मिलने का बहाना बनाया। पुलिस ने कहा कि आरोपी के खिलाफ चार गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं।
पुलिस ने यह भी बताया कि केस ओंटारियो कोर्ट ऑफ जस्टिस (OCJ) में चल रहा है। मामले के ट्रायल के दौरान आरोपी का भारतीय पता और डॉक्टरों के नाम सार्वजनिक नहीं किए जा सकते। पुलिस ने डॉक्टरों से अपील की है कि ऐसे मामलों में आगे आएं और बयान दें। पुलिस ने बताया कि ट्रायल की प्रक्रिया लंबी चलती है, लेकिन आरोपी को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया जारी है।
सोशल मीडिया पर वायरल
इस मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रूबी भसीन ने 15 मार्च को वीडियो पोस्ट कर डॉक्टरों से सामने आने की अपील की। लोगों ने इस घटना को लेकर भारी चिंता और गुस्सा जताया। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में समय पर कार्रवाई और ट्रायल जरूरी है ताकि भविष्य में महिलाओं के खिलाफ ऐसे अपराध रोके जा सकें।
इस सनसनीखेज मामले ने कनाडा में भारतीय समुदाय और सोशल मीडिया दोनों पर हलचल मचा दी है। पुलिस की सक्रियता और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया से उम्मीद है कि आरोपी को जल्द ही न्याय के दायरे में लाया जाएगा और महिला डॉक्टरों के साथ इस तरह के अपराधों पर रोक लगेगी।







