डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर के भार्गव कैंप इलाके में घरेलू विवाद के एक मामले में पुलिस की कथित बदसलूकी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना में एक महिला के साथ दुर्व्यवहार के आरोप सामने आने के बाद पंजाब राज्य महिला आयोग ने सख्त रुख अपनाया है और पुलिस अधिकारियों से जवाब तलब किया है। वहीं, मामले में कार्रवाई करते हुए जालंधर पुलिस ने थाना भार्गव कैंप के तीन कर्मचारियों को लाइन हाजिर कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला एक घरेलू विवाद से जुड़ा है, जिसमें प्रिया नामक महिला ने अपने पति रोहित के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस कार्रवाई करने के लिए रोहित के घर पहुंची थी। आरोप है कि जब पुलिस उसे हिरासत में लेने लगी, तो परिवार के सदस्यों ने इसका विरोध किया और बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस और परिवार के बीच हाथापाई हो गई।

महिला ममता से बदसलूकी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस दौरान पुलिसकर्मियों ने महिला ममता के बेटे को बीच गली में पीटना शुरू कर दिया और उसकी पीठ पर मुक्के मारे। जब ममता ने इसका विरोध किया, तो पुलिस ने उसे भी नहीं बख्शा। आरोप है कि एक एएसआई ने ममता को घर के अंदर से बाल पकड़कर बाहर घसीटा और उसे जबरन गाड़ी में बैठाने की कोशिश की। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल बताया जा रहा है, जिसके बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष फैल गया।
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब ममता का बेटा रोहित दोबारा मौके पर आया और उसने एक पुलिसकर्मी को थप्पड़ मार दिया। मौके पर टीम का नेतृत्व एएसआई प्रवीन कुमार कर रहे थे। करीब 10 मिनट तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

शीतल अंगुराल ने किया प्रदर्शन
घटना के बाद स्थानीय लोगों और राजनीतिक नेताओं ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। शीतल अंगुराल के नेतृत्व में भार्गव कैंप अड्डे पर धरना भी लगाया गया, जिसमें पुलिस कार्रवाई की निंदा की गई।
वहीं, मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला आयोग ने जालंधर (Jalandhar) पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। आयोग ने पुलिस प्रशासन को आदेश दिया है कि इस पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों और तथ्यों के साथ 24 मार्च 2026 को चंडीगढ़ कार्यालय में पेश हों। आयोग ने यह कार्रवाई पंजाब राज्य महिला आयोग एक्ट 2001 के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए की है।
महिला आयोग ने तलब किया
पीड़ित महिला ममता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि वह विधवा है और उसके दो बेटे हैं। उसकी बहू के साथ बड़े बेटे का विवाद चल रहा था, जिसके बाद बहू मायके चली गई और पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी। ममता का आरोप है कि पुलिस लगातार उनके बेटों को पकड़ने का दबाव बना रही थी, जिसके डर से उन्होंने उन्हें छिपाकर रखा हुआ था।

ममता ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना किसी संवेदनशीलता के घर में घुसकर सो रहे लोगों को उठाया, गालियां दीं और जबरदस्ती करने की कोशिश की। उसने यह तक कहा कि उसे अपने बेटों की जान का खतरा है।
जांच जारी है
फिलहाल, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला अब कानून-व्यवस्था और पुलिस व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।







