डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, मोहाली के खरड़ में बॉयफ्रेंड (Boyfriend) के घर मे युवती की लाश फांसी के फंदे पर पंखे से लटकी मिली। जानकारी के मुताबिक, वह करीब डेढ़ साल से रिलेशन में थी और जालंधर से बॉयफ्रेंड के पास आई हुई थी।
रविवार को युवती का शव जालंधर पहुंचा, तो परिजनों ने आरोपी युवक पर कार्रवाई की मांग की। युवती के भाई ने कहा कि इस मामले में आरोपी युवराज का हाथ है। दोनों के बीच संबंधों में कुछ अनबन हुई, जिससे आरोपी ने उसे इस कदर मजबूर किया कि उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।
मृतका की पहचान अनामिका के नाम से हुई, जो जालंधर (Jalandhar) के हरदयाल नगर की रहने वाली थी। हालांकि आरोपी के परिवार ने आरोपों को निराधार बताया है। वहीं पुलिस ने धारा-174 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल अभी इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

19 मार्च की रात पहुंची युवती
जानकारी के अनुसार, जालंधर (Jalandhar) के हरदयाल नगर की निवासी युवती और आरोपी युवक युवराज के बीच लंबे समय से जान-पहचान थी और वे एक-दूसरे के काफी करीब थे। परिवार के सदस्यों ने बताया कि 19 तारीख को युवती अपने दोस्त युवराज से मिलने के लिए जालंधर से खरड़ गई थी।
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बताया जा रहा है कि वह रात करीब 11:30 बजे खरड़ स्थित युवराज के आवास पर पहुंची थी, लेकिन अगले ही दिन यानी 20 तारीख को घर के अंदर पंखे से लटकता हुआ उसका शव बरामद हुआ। मौके पर पहुंची खरड़ पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। 174 के तहत कार्रवाई की है, जिससे परिजन नाराज हैं।
युवक ने मरने के लिए मजबूर किया
युवती के भाई और अन्य परिजनों का सीधा आरोप है कि उसकी मौत के पीछे युवराज का हाथ है। उनका कहना है कि दोनों के बीच संबंधों में कुछ ऐसी अनबन हुई या युवक ने उसे इस कदर मजबूर किया कि उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। परिवार का मानना है कि यह महज एक सामान्य आत्महत्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी मानसिक प्रताड़ना छिपी हो सकती है।
घटना की सूचना मिलते ही खरड़ पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आत्महत्या का मामला मानते हुए धारा 174 के तहत कार्यवाही की है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बिना गहनता से जांच किए इसे सामान्य मामला करार दे दिया। परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि निष्पक्ष जांच की मांग की है।

प्रशासन से दोबारा जांच की मांग
इस पूरे मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब आरोपी युवक युवराज की बहन सामने आई। उन्होंने अपने भाई का बचाव करते हुए कहा कि युवराज पूरी तरह निर्दोष है और उस पर लगाए जा रहे आरोप झूठे और मनगढ़ंत हैं।
पीड़ित परिवार की मांग है कि युवती के फोन कॉल डिटेल्स और घटना से पहले की कड़ियों को जोड़ा जाए। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि उन्होंने फिलहाल उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि परिवार की ओर से कोई नया ठोस सबूत या लिखित शिकायत दी जाती है, तो मामले की जांच पर पुनर्विचार किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।







