Punjab News: राजनीतिज्ञों ने अपने नेताओं के नाम पर शानदार स्मारक बनाए, लेकिन शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को नजरअंदाज किया: मुख्यमंत्री

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CM Mann paid tribute to Shaheed-e-Azam Bhagat Singh on his martyrdom day
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⏱️ 10 मिनट पढ़ने का समय|📝 1,231 शब्द|📅 23 Mar 2026

डेली संवाद, खटकड़ कलां। Punjab News: शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के उनके शहीदी दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह दिन देश को शहीदों द्वारा दी गई महान कुर्बानी की याद दिलाता है। उन्होंने लोगों से मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले महान क्रांतिकारी की सोच को अपनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने शहीदों का सम्मान करने और उनके सपनों का रंगला पंजाब बनाने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

देश के महान क्रांतिकारियों की गौरवशाली विरासत को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Bhagwant Mann) ने कहा कि यह अवसर केवल उनकी कुर्बानी को याद करने का ही नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और अन्याय के खिलाफ लड़ने के संकल्प को आगे बढ़ाने का भी है। उन्होंने उनके सपनों के पंजाब और देश की सेवा करने के अपने संकल्प को दोहराया, साथ ही इन स्वतंत्रता सेनानियों को भारत रत्न (सबसे बड़ा सम्मान) न दिए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि शुरुआती वर्षों में देश की बागडोर ऐसे साहसी और प्रगतिशील युवाओं के हाथों में होती तो देश की स्थिति अलग होती।

कई महत्वपूर्ण पहल की

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह दिन हमें शहीद भगत सिंह द्वारा मातृभूमि के लिए दी गई अद्वितीय कुर्बानी की याद दिलाता है। शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव की शहादत हमें हमेशा अन्याय और अत्याचार के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देती रहेगी। समाज में मौजूद हर प्रकार की बुराइयों के खिलाफ लड़ना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है।”

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शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही गरीबी और सामाजिक बुराइयों को जड़ से खत्म करने का एकमात्र स्थायी समाधान है। उन्होंने कहा, “शिक्षा समाज की सभी समस्याओं का इलाज है, इसलिए पंजाब सरकार ने इस क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायत गरीबी या सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकती, लेकिन शिक्षा लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर उन्हें मजबूरी और बेबसी के इस चक्र से बाहर निकाल सकती है। इसीलिए हमारी सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और आम आदमी को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।”

वास्तविक बदलाव चाहते

सामाजिक परिवर्तन में ज्ञान की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “शिक्षा वह प्रकाश है जो अज्ञानता के अंधकार को दूर करता है। यदि हम वास्तविक बदलाव चाहते हैं, तो हमें अपने बच्चों को शिक्षित करना होगा, उन्हें सशक्त बनाना होगा और समाज को ऊपर उठाकर गरीबी को खत्म करना होगा। असली बदलाव अस्थायी लाभों से नहीं, बल्कि सच्चे ज्ञान और जागरूकता से आएगा।”

शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार हमारे महान शहीदों के संकल्पों को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। उन्होंने आगे कहा कि हम पंजाब की तरक्की और इसके लोगों की खुशहाली सुनिश्चित करने के लिए वचनबद्ध हैं। वह दिन दूर नहीं जब हमारे सामूहिक प्रयासों से पंजाब देश में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा।

केवल 23 मार्च होने के कारण यह दिन खास नहीं

23 मार्च के महत्व के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि केवल 23 मार्च होने के कारण यह दिन खास नहीं है, बल्कि यह एक साधारण दिन असाधारण बन जाता है क्योंकि इसी विशेष दिन देश के तीन वीर सपूतों ने देश के लिए अपनी जवानी और जान कुर्बान की थी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी शहादत ने आजादी के संग्राम में नया जोश भर दिया और उनके अथाह योगदान के कारण 15-16 वर्षों के भीतर लाल किले पर भारतीय तिरंगा फहराया जा सका।

मुख्यमंत्री ने शहीदों की कुर्बानी के निस्वार्थ स्वरूप और लोकतांत्रिक अधिकारों की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहीद-ए-आज़म भगत सिंह और उनके साथियों ने सत्ता या राजनीतिक लाभ के लिए अपनी जान नहीं दी थी। उनकी कुर्बानी निस्वार्थ थी। उन्हीं की बदौलत आज हमें वोट डालने का अधिकार मिला है। जब हम अपने वोटर आईडी कार्ड को देखते हैं तो हमें अपनी तस्वीर दिखाई देती है, लेकिन यदि हम ध्यान से देखें तो हमें इन शहीदों की महक महसूस होगी। इसलिए हमें अपने वोट का उपयोग समझदारी से करना चाहिए।

वोटर कार्ड अनमोल है

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज़ादी से पहले लोग त्योहार तो मनाते थे, लेकिन अंग्रेजों के शासन के कारण हमें वोट डालने का कोई अधिकार नहीं था। इन शहीदों ने इस अधिकार के लिए लड़ाई लड़ी ताकि हम लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से अपना नेता चुन सकें। उन्होंने कहा कि यह अधिकार बहुत महत्वपूर्ण है और लोगों को पैसे, प्रभाव या लालच में आकर कभी भी अपना वोट नहीं बेचना चाहिए। शहीदों के दृष्टिकोण की गहराई को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि यह वोटर कार्ड अनमोल है क्योंकि यह शहीदों की महान कुर्बानियों से हासिल हुआ है।

भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बारे में अनगिनत कहानियां, किताबें, पत्र, नाटक और फिल्में हैं। उन्होंने कहा कि जितना अधिक आप उनके बारे में पढ़ेंगे, उतना ही आप कम उम्र में भी देश के भविष्य के बारे में उनकी गहरी सोच को समझकर उनकी सराहना करेंगे। अंग्रेजों ने यह सोचकर भव्य इमारतें बनाईं कि वे हमेशा राज करेंगे, लेकिन वे यह अनुमान लगाने में असफल रहे कि शहीद-ए-आज़म भगत सिंह जैसे नौजवान क्रांतिकारी उन्हें देश से बाहर निकालने के लिए सब कुछ कुर्बान करने को तैयार बैठे हैं।

सपने पूरी तरह साकार नहीं हो पाए

लगातार चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के 75 वर्षों से अधिक समय के बाद भी इन महान स्वतंत्रता सेनानियों के सपने पूरी तरह साकार नहीं हो पाए हैं। देश अभी भी गरीबी, बेरोजगारी और अशिक्षा जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद से ही हमारी सरकार इन मुद्दों से लोगों को राहत देने के लिए लगातार प्रयास किए हैं।

शहीदों की विरासत को संभालने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है कि वह अपने शहीदों का सम्मान करे और उनकी विरासत को सहेजे। जो राष्ट्र अपने शहीदों को भूल जाते हैं, वे समय के साथ अपनी पहचान खो देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने आजादी के संघर्ष से लेकर देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए विभिन्न आंदोलनों तक अनेक कुर्बानियां दी हैं।

विकासोन्मुखी योजनाएँ शुरू की

पंजाब के योगदान को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि देश की आबादी का केवल दो प्रतिशत होने के बावजूद, आजादी के संग्राम के दौरान फांसी दिए गए या निर्वासित किए गए 80 प्रतिशत शहीद पंजाब से थे। उन्होंने कहा कि आजादी के समय जब देश जश्न मना रहा था, पंजाब ने विभाजन की भयावहता का सामना किया, जहां लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई, बेघर हुए और अपनी संपत्ति हमेशा के लिए खो दी।

अपनी सरकार के दृष्टिकोण की पुष्टि करते हुए मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि आप सरकार शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के सपनों को साकार करने और एक सौहार्दपूर्ण तथा समानतावादी समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। इस युवा नायक ने देश को विदेशी शासन से मुक्त कराने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उनके दृष्टिकोण को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे उन्होंने आगे कहा कि हम अपने शहीदों के राह पर चलते हुए पहले ही कई जन-हितैषी और विकासोन्मुखी योजनाएँ शुरू की हुई हैं।

















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मानसी जायसवाल, डेली संवाद ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। वे लोकल खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। वह 5 सालों से अधिक समय से Daily Samvad (Digital) में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत डेली संवाद से की। उन्होंने पंजाब के जालंधर के खालसा कालेज से एमए की डिग्री हासिल की है।
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