Punjab News: करोड़ों की ठगी में बड़ी कार्रवाई, प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए आरोपी, खुल सकते हैं बड़े राज

चंडीगढ़ में क्रेस्ट से जुड़े करीब 75 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है।

Daily Samvad
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Chandigarh 75 Crore Crest Scam
Highlights
  • करोड़ों की ठगी में बड़ी कार्रवाई
  • प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए आरोपी
  • ईओडब्ल्यू में आमने-सामने पूछताछ
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⏱️ 4 मिनट पढ़ने का समय|📝 474 शब्द|📅 24 Mar 2026

डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: चंडीगढ़ में क्रेस्ट से जुड़े करीब 75 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने इस बहुचर्चित मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आइडीएफसी फर्स्ट बैंक के ब्रांच मैनेजर रिभव ऋषि, रिलेशनशिप मैनेजर अभय सिंह और उसकी पत्नी स्वाति सिंगला को प्रोडक्शन वारंट पर अपने कब्जे में लेकर सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।

चंडीगढ़ (Chandigarh) जांच एजेंसियां अब इन तीनों आरोपियों से मास्टरमाइंड विक्रम वधावा के सामने बैठाकर आमने-सामने पूछताछ कर रही हैं, ताकि पूरे नेटवर्क और पैसों के लेनदेन की परतें खोली जा सकें।

रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही

ईओडब्ल्यू इससे पहले ही मुख्य आरोपी विक्रम वधावा को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही थी। अब अन्य आरोपियों को भी शामिल कर पूछताछ का दायरा बढ़ाया गया है। रिभव ऋषि, अभय सिंह और स्वाति सिंगला को इससे पहले पंचकूला की एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने गिरफ्तार किया था। ईओडब्ल्यू ने प्रोडक्शन वारंट के जरिए इन्हें अपने कब्जे में लेकर जांच को और तेज कर दिया है।

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इस मामले में जांच केवल 75 करोड़ रुपये की ठगी तक सीमित नहीं है। ईओडब्ल्यू अब नगर निगम के स्मार्ट सिटी फंड से जुड़े 116.84 करोड़ रुपये के कथित हेरफेर के एंगल से भी जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि दोनों मामलों के बीच कनेक्शन हो सकता है, इसलिए वित्तीय लेनदेन की पूरी श्रृंखला को खंगाला जा रहा है।

गोल्ड मार्केट में निवेश किया गया

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सरकारी विभागों के खाते निजी बैंकों में खुलवाए गए और फिर उन खातों से बड़ी रकम शेल कंपनियों में ट्रांसफर की गई। इसके बाद इस पैसे को शेयर बाजार और गोल्ड मार्केट में निवेश किया गया, जिससे घोटाले का दायरा और बड़ा हो सकता है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आठ सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। यह टीम चंडीगढ़ और हरियाणा के विभिन्न सरकारी विभागों के खातों से हुए कथित गबन की गहराई से जांच कर रही है। एसआईटी बैंकिंग ट्रांजेक्शन की पूरी चेन को खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि डायवर्ट किया गया पैसा आखिर किन-किन जगहों पर लगाया गया, जिसमें रियल एस्टेट निवेश भी शामिल है।

ट्रांजेक्शन की पूरी चेन को खंगाल रही

जांच एजेंसियों के अनुसार इस पूरे मामले में कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। कंपनियों के माध्यम से सरकारी धन को डायवर्ट करने और उसे आरोपितों व उनसे जुड़े लोगों के खातों में ट्रांसफर करने के संकेत मिले हैं। ईओडब्ल्यू अब सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और आने वाले दिनों में इस बड़े घोटाले से जुड़े और भी चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

















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मानसी जायसवाल, डेली संवाद ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। वे लोकल खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। वह 5 सालों से अधिक समय से Daily Samvad (Digital) में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत डेली संवाद से की। उन्होंने पंजाब के जालंधर के खालसा कालेज से एमए की डिग्री हासिल की है।
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