डेली संवाद, अमृतसर। Punjab News: पंजाब में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल के बीच सरकार ने एक ओर जहां कैबिनेट मंत्रियों के विभागों में फेरबदल किया है, वहीं दूसरी ओर अमृतसर के वेयरहाउस डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा (Gagandeep Singh Randhawa) सुसाइड केस को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले में CBI जांच की मांग को सिरे से खारिज करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला है।
कैबिनेट फेरबदल के तहत वित्त मंत्री हरपाल चीमा (Harpal Singh Cheema) को अतिरिक्त रूप से ट्रांसपोर्ट विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो पहले लालजीत सिंह भुल्लर (Laljit Singh Bhullar) के पास था। वहीं, डॉ. रवजोत सिंह को जेल विभाग का प्रभार दिया गया है। यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब भुल्लर का नाम रंधावा सुसाइड केस में सामने आने के बाद उन्हें पद छोड़ना पड़ा है।

भुल्लर की जगह हरपाल चीमा को
चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार इस मामले में कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि संबंधित मंत्री का इस्तीफा ले लिया गया है और उसे गिरफ्तार भी कर लिया गया है। साथ ही चीफ सेक्रेटरी स्तर की जांच के आदेश दिए गए हैं।
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सीबीआई जांच की मांग पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर मामले में सीबीआई जांच जरूरी नहीं होती। उन्होंने सवाल उठाया कि पूर्व में कई गंभीर मामलों में सीबीआई जांच क्यों नहीं कराई गई। उन्होंने हरियाणा के एक एडीजीपी की मौत, पटियाला में आत्मदाह की घटना और महल कलां के चर्चित मामले का जिक्र करते हुए कहा कि उन मामलों में किसने इस्तीफा दिया और किस स्तर की जांच हुई।

भुल्लर को गुपचुप तरीके से अदालत में पेश किया
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए इस मामले को तूल दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता केवल बयानबाजी कर रहे हैं, जबकि उनकी सरकार जमीनी स्तर पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए मंत्री और आम कर्मचारी में कोई फर्क नहीं है और सभी के लिए कानून समान है।
इधर, इस मामले में आरोपी पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें गुपचुप तरीके से अदालत में पेश किया गया, हालांकि पुलिस इस संबंध में खुलकर कुछ नहीं कह रही है। पहले पुलिस अधिकारियों ने उनकी रिमांड की पुष्टि की थी, लेकिन अब इस पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही।

DM के शव का चौथे दिन पोस्टमॉर्टम कराया
दूसरी ओर, सुसाइड करने वाले डीएम गगनदीप सिंह रंधावा के शव का चौथे दिन पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। यह प्रक्रिया सिविल अस्पताल में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की निगरानी में पूरी की जा रही है और इसकी वीडियोग्राफी भी करवाई जा रही है। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों द्वारा उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि रंधावा ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो बनाया था, जिसमें उन्होंने पूर्व मंत्री भुल्लर को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। इसी आधार पर पुलिस ने कार्रवाई तेज की है और मामले की हर कड़ी को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा…
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह भी कहा कि उनकी सरकार ने इस मामले में कोई एहसान नहीं किया, बल्कि यह उनका कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक की जान की कीमत होती है और सरकार उसकी रक्षा के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है।
साथ ही उन्होंने विपक्षी नेताओं के एक साथ नजर आने पर भी तंज कसते हुए कहा कि यह एक अलग ही राजनीतिक संदेश देता है। फिलहाल, इस पूरे मामले में जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।







