Nepal: नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व गृहमंत्री गिरफ्तार, दोनों नेताओं पर लगा सनसनीखेज आरोप, देखें VIDEO

रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि सुरक्षा एजेंसियों को पहले से खुफिया चेतावनियां (इंटेलिजेंस इनपुट) मिली थीं, लेकिन समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए। इसके चलते हालात बेकाबू हो गए, जिससे 77 लोगों की मौत हो गई और अरबों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ।

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Nepal former PM KP Sharma Oli Arrested
Highlights
  • बालेन शाह ने नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली
  • प्रदर्शनों के दौरान हालात को संभालने में गंभीर लापरवाही
  • आरोपियों को 10 साल तक की सजा हो सकती है
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⏱️ 4 मिनट पढ़ने का समय|📝 464 शब्द|📅 28 Mar 2026

डेली संवाद, काठमांडू। Nepal former PM KP Sharma Oli Arrested: नेपाल की राजनीति में उस समय बड़ा भूचाल आ गया जब देश के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को पुलिस ने शनिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पिछले वर्ष हुए चर्चित GEN-Z प्रोटेस्ट मामले से जुड़ी जांच के आधार पर की गई है।

पुलिस के अनुसार, नेपाल (Nepal) के पूर्व प्रधाममंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) को सुबह भक्तपुर के गुंडु स्थित उनके निवास से हिरासत में लिया गया, जबकि रमेश लेखक को सूर्यविनायक क्षेत्र से तड़के करीब 5 बजे गिरफ्तार किया गया। दोनों नेताओं की गिरफ्तारी ऐसे समय पर हुई है जब एक दिन पहले ही बालेन शाह ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली है।

balendra shah
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जांच आयोग की रिपोर्ट

यह पूरी कार्रवाई गृह मंत्रालय की शिकायत के बाद गठित एक जांच आयोग की रिपोर्ट पर आधारित है। इस आयोग की अगुआई पूर्व न्यायाधीश गौरी बहादुर कार्की ने की थी। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पिछले साल हुए प्रदर्शनों के दौरान हालात को संभालने में गंभीर लापरवाही बरती गई थी।

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रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि सुरक्षा एजेंसियों को पहले से खुफिया चेतावनियां (इंटेलिजेंस इनपुट) मिली थीं, लेकिन समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए। इसके चलते हालात बेकाबू हो गए, जिससे 77 लोगों की मौत हो गई और अरबों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ।

Nepal Protest
Nepal Protest

10 साल तक की सजा

आयोग ने अपनी सिफारिश में संबंधित नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक लापरवाही का मामला दर्ज करने की बात कही थी। इसी आधार पर पुलिस ने यह सख्त कार्रवाई की है। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में दोषी पाए जाने पर आरोपियों को 10 साल तक की सजा हो सकती है।

गिरफ्तारी के बाद दोनों नेताओं को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया है। पुलिस ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद उन्हें आर्म्ड पुलिस फोर्स की महाराजगंज स्थित बटालियन नंबर-2 में शिफ्ट किया जाएगा, जहां उनकी कस्टडी की पूरी व्यवस्था की गई है।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी से पहले प्रधानमंत्री बालेन शाह की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई थी, जिसमें आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके तुरंत बाद पुलिस ने ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए काठमांडू घाटी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

किसी भी संभावित विरोध या अशांति को रोकने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। इस गिरफ्तारी ने नेपाल की सियासत में हलचल मचा दी है और आने वाले दिनों में इसके व्यापक राजनीतिक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।

















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