डेली संवाद, जालंधर। IKGPTU News: आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (आई.के.जी पी.टी.यू ) में नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 पर एक स्पेशल एक्सपर्ट लेक्चर ऑर्गनाइज़ किया गया। इस लेक्चर में जाने-माने स्कॉलर्स ने हिस्सा लिया एवं एजुकेशन पॉलिसी के अलग-अलग पहलुओं पर रोशनी डाली। इस मौके पर, प्रो. (डॉ.) अमित कॉट्स, प्रोफेसर, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर और डॉ. अनुज बंसल, प्रोफेसर, संत लोंगोवाल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, लोंगोवाल विशेष स्पीकर के तौर पर शामिल हुए। प्रोग्राम को यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. डॉ. सुशील मित्तल ने लीड किया। यह इवेंट यूनिवर्सिटी के अकादमिक विभाग की तरफ से करवाया गया।
प्रो. (डॉ.) अमित कॉट्स ने कहा कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी एक ऐसी पॉलिसी है जो हमारे देश के एजुकेशन सिस्टम में एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। यह पॉलिसी स्टूडेंट-सेंट्रिक है, जिसका मुख्य उदेश्य सिर्फ डिग्री पाना नहीं, बल्कि ज्ञान, स्किल एवं कैरेक्टर डेवलप करना है। इस पॉलिसी में मल्टी-डिसिप्लिनरी एजुकेशन, फ्लेक्सिबल कोर्स स्ट्रक्चर एवं स्किल-बेस्ड लर्निंग पर खास ध्यान दिया गया है। स्टूडेंट्स को अब अपनी पसंद के हिसाब से सब्जेक्ट चुनने की आजादी है, जिससे उनकी क्षमता बढ़ती है। उन्होंने कहा कि इस पॉलिसी में टीचर्स का रोल बहुत अहम है। वे सिर्फ ज्ञान देने वाले ही नहीं हैं, बल्कि गाइड और मोटिवेटर भी हैं। आखिर में उन्होंने सभी स्टूडेंट्स से अपील की कि वे इस पॉलिसी के मौकों का पूरा फायदा उठाएं और अपना भविष्य उज्ज्वल बनाएं।
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डॉ. अनुज बंसल ने कहा कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी एजुकेशन के क्षेत्र में नई संभावनाओं के दरवाजे खोलती है। यह पॉलिसी सिर्फ अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रैक्टिकल स्किल, इनोवेशन एवं रिसर्च को भी बढ़ावा देती है। इससे स्टूडेंट्स ग्लोबल लेवल पर मुकाबला कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल लर्निंग, ऑनलाइन एजुकेशन और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर खास तौर पर दिया गया जोर इस पॉलिसी की एक बड़ी खासियत है। उन्होंने फैकल्टी से भी अपील की कि वे अपनी पढ़ाई के तरीकों में नई टेक्नोलॉजी अपनाएं और स्टूडेंट्स को इनोवेशन के लिए मोटिवेट करें।

कुलपति प्रो. (डॉ.) सुशील मित्तल ने कहा कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी एक ऐसा डॉक्यूमेंट है जो हमारे देश के एजुकेशन सिस्टम में एक नया मोड़ लाता है। यह पॉलिसी स्टूडेंट्स को न सिर्फ एकेडमिक नॉलेज से बल्कि ज़िंदगी के हर फील्ड में सफल होने के लिए तैयार करती है। यूनिवर्सिटी हमेशा से नई एजुकेशन पॉलिसी और टेक्नोलॉजी अपनाने में आगे रही है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के मुख्य एलिमेंट्स, यानी मल्टी-डिसिप्लिनरी एजुकेशन, स्किल डेवलपमेंट, रिसर्च और इनोवेशन को अपने कोर्स में शामिल करने के लिए कमिटेड है। उन्होंने फैकल्टी से अपील की कि वे इस पॉलिसी के मकसद को ध्यान में रखते हुए स्टूडेंट्स को नई सोच और क्रिएटिविटी के लिए मोटिवेट करें।
इस मौके पर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. नवदीपक संधू ने कहा कि यह पॉलिसी एजुकेशन के फील्ड में एक नई दिशा और नजरिया देती है, जिससे हमारे देश के युवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे लेक्चर स्टूडेंट्स के लिए इंस्पिरेशन का सोर्स बनते हैं और उन्हें नई सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए मोटिवेट करते हैं। उन्होंने स्टूडेंट्स से ऐसे मौकों का पूरा फायदा उठाने को कहा।
यूनिवर्सिटी की डिप्टी लाइब्रेरियन डॉ. मधु मिड्डा ने मंच संचालन किया। डीन अकादमिक प्रो. (डॉ.) वाई. एस. बराड़ ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। यूनिवर्सिटी के डीन डॉ. परवीन बंसल, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. सतबीर सिंह के साथ-साथ अलग-अलग डिपार्टमेंट हेड, फैकल्टी मेंबर, ऑफिसर, स्टाफ और स्टूडेंट्स सेरेमनी में मौजूद थे।







