डेली संवाद, नई दिल्ली। Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक अहम घोषणा करते हुए ईरान पर सैन्य हमलों को दो सप्ताह के लिए स्थगित करने का फैसला किया है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर था और किसी बड़े संघर्ष की आशंका जताई जा रही थी।
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के अनुसार, यह कदम पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) और पाकिस्तान सेना प्रमुख असीम मनीर (Asim Munir) के साथ हुई बातचीत के बाद उठाया गया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि पाकिस्तान की ओर से उनसे आग्रह किया गया था कि ईरान के खिलाफ शुरू होने वाले संभावित हमलों को रोका जाए।

सैन्य कार्रवाई स्थगित
इस अनुरोध पर विचार करते हुए उन्होंने यह शर्त रखी कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलने पर सहमत हो जाता है, तो अमेरिका दो सप्ताह के लिए सैन्य कार्रवाई स्थगित करेगा। ट्रंप ने इसे “दोतरफा युद्धविराम” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
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उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका पहले ही अपने अधिकांश सैन्य उद्देश्यों को हासिल कर चुका है और अब वह इस स्थिति को दीर्घकालिक शांति समझौते में बदलना चाहता है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान की ओर से एक 10-सूत्रीय प्रस्ताव भी प्राप्त हुआ है, जिसे उन्होंने बातचीत के लिए एक “व्यावहारिक आधार” बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवादों के अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन चुकी है।

अस्थायी युद्धविराम की पुष्टि
इस बीच, ईरान की सरकारी मीडिया ने भी इस अस्थायी युद्धविराम की पुष्टि की है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने एक बयान जारी कर कहा कि यह समझौता पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद संभव हो पाया है और इसे देश के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की मंजूरी प्राप्त है। ईरान ने इसे अपनी कूटनीतिक जीत करार देते हुए कहा कि स्थायी समझौते के लिए आगे की वार्ता इस्लामाबाद में आयोजित की जाएगी।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, युद्धविराम तभी प्रभावी होगा जब ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की शर्त को पूरा करेगा। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और इसके बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
व्हाइट हाउस के अधिकारी ने पुष्टि की
इस घटनाक्रम में एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इजरायल भी इस अस्थायी युद्धविराम के लिए सहमत हो गया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि इजरायल ने भी इस समझौते को स्वीकार कर लिया है, जिससे क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ गई है।

गौरतलब है कि इससे पहले ट्रंप ने ईरान को कड़ा अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलता, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट्स, पुलों और अन्य महत्वपूर्ण ढांचों पर हमला कर सकता है। इस चेतावनी के बाद हालात और गंभीर हो गए थे।
कूटनीतिक समाधान
हालांकि, अब दो सप्ताह के इस युद्धविराम ने कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं को मजबूत किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस अवधि में ठोस समझौता हो जाता है, तो यह मध्य पूर्व में स्थायी शांति की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है।









