डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर में नेशनल हाईवे पर स्थित मैरीटन होटल (Mariton Hotel) के साथ हो रहा निर्माण विवादों में फंस गया है। बताया जा रहा है कि यह निर्माण होटल मैरिटन के प्रबंधकों द्वारा करवाया जा रहा है। जिस जमीन पर निर्माण शुरू किया गया था, वहां पहले स्थित एक फैक्ट्री का करीब 5 करोड़ रुपए बिजली बिल ही नहीं भुगतान किया गया है। इनवेस्ट पंजाब (Invest Punjab) में शिकायत के बाद एडिशनल चीफ एक्जीक्यूटिव अफसर ने जालंधर (Jalandhar) के चीफ इंजीनियर को चिट्ठी लिखकर पहले बकाया रकम भुगतान के लिए कहा है।
जालंधर (Jalandhar) में होटल मैरिटन (Mariton Hotel) के प्रबंधकों द्वारा नेशनल हाईवे पर शुरु किया गए निर्माण को पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने रोकने को कहा है। क्योंकि पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) को 5 करोड़ रुपए बिजली बिल वसूल करना है। अगर बिजली बिल जमा नहीं करवाया जाता है तो वहां किसी तरह से कोई निर्माण नहीं हो सकता है। पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) की शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने इस जमीन की रजिस्ट्री पर पहले से ही रोक लगा रखी है।

5 करोड़ का बिल बकाया
जालंधर (Jalandhar) के आरटीआई एक्टिविस्ट करणप्रीत सिंह ने इस मामले को लेकर इनवेस्ट पंजाब, मुख्यमंत्री दफ्तर और नगर निगम जालंधर (Municipal Corporation Jalandhar) के कमिश्नर से शिकायत भेजी थी। इस शिकायत पर एक्शन लेते हुए इनवेस्ट पंजाब (Invest Punjab) के एडिशनल चीफ एक्जीक्यूटिव अफसर ने पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के चीफ इंजीनियर को चिट्ठी लिखकर कहा है कि आर ईएसएस आयरन एंड स्टील फर्म (M/S R ESS IRON & STEEL PVT LTD) का बकाया बिल जमा करवाया जाए।

शिकायतकर्ता करणप्रीत सिंह के मुताबिक जालंधर (Jalandhar) के मैरिटन होटल (Mariton Hotel) के साथ लगती जमीन पर पहले आर ईएसएस आयरन एंड स्टील (M/S R ESS IRON & STEEL PVT LTD) की फैक्ट्री थी। जमीन आज भी इसी फैक्ट्री के नाम पर है। करणप्रीत सिंह का दावा है कि होटल मैरिटन की जमीन भी इसी फैक्ट्री का हिस्सा है। बावजूद पीएसपीसीएल के अफसरों के साथ सांठगांठ कर होटल मालिकों ने बिना पुराना बिजली बिल चुकाए जमीन की रजिस्ट्री करवा ली।

PSPCL की सख्ती
जानकारी के मुताबिक पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने आर ईएसएस आयरन एंड स्टील के मालिक को नोटिस भेजकर 5 करोड़ का बकाया भुगतान करने को कहा था। पीएसपीसीएल द्वारा भेजे गए नोटिस में कहा गया कि M/S R ESS IRON & STEEL PVT LTD बिजली बिल 3,02,08,269 का भुगतान ब्याज समेत करे। इस बिल पर पीएसपीसीएल ने 2,01,61,289 रुपए ब्याज बनाया। ब्याज समेत 5,03,69,558 रुपए जमा करवाने को कहा गया। लेकिन ये रकम जमा ही नहीं करवाई गई।
होटल मैरिटन के मालिकों और M/S R ESS IRON & STEEL PVT LTD के मालिक ने बिना बिजली बिल भुगतान किए निर्माण को लेकर एक नया रास्ता खोज निकाला। शिकायतकर्ता के मुताबिक होटल मैरिटन के साथ लगते 120 मरले की जमीन की खरीद फरोख्त की गई। लेकिन कागजों में इसे लीज पर दिखाया गया। चूंकि इस जमीन की रजिस्ट्री पर जिला प्रशासन ने रोक लगा रखी है, जिससे मैरिटन होटल के मालिकों ने M/S R ESS IRON & STEEL PVT LTD के मालिक से मिलकर दिनेश कत्याल के नाम पर उक्त जमीन की लीज करवाई।

रजिस्ट्री पर रोक, जमीन लीज करवाई
इसके बाद दिनेश कत्याल ने इसकी लीज गौतम कुकरेज के नाम पर की दी। गौतम कुकरेजा होटल मैरिटन के पार्टनर है। शिकायतकर्ता के मुताबिक दिनेश कत्याल, गौतम कुकरेजा और M/S R ESS IRON & STEEL PVT LTD के मालिक ने मिलकर पीएसपीसीएल के 5 करोड़ रुपए से ज्यादा का बिजली बिल का भुगतान नहीं किया। जिससे अब इस निर्माण पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में पीएसपीसीएल के चीफ इंजीनियर ने कहा है कि पहले 5 करोड़ का बकाया भुगतान होगा, फिर निर्माण किया जा सकता है।







