डेली संवाद, अमृतसर। Punjab: अमृतसर के हालगेट इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गोदाम मोहल्ला के पास स्थित एक वर्षों पुरानी चार मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। तेज धमाके जैसी आवाज के साथ इमारत के गिरते ही पूरे इलाके में धूल का गुबार छा गया।
आवाज सुनते ही आसपास के लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए और कुछ देर के लिए इलाके में दहशत का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह इमारत काफी समय से जर्जर हालत में थी। दीवारों में दरारें और छत से प्लास्टर गिरने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी थीं, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि इमारत अचानक इस तरह ढह जाएगी।
दो मोटरसाइकिलें क्षतिग्रस्त
अमृतसर (Amritsar) में हादसे के समय गली में खड़ी दो मोटरसाइकिलें मलबे के नीचे दबकर क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके साथ ही पास में स्थित भगवान वाल्मीकि जी के मंदिर की बालकनी भी इमारत गिरने से क्षतिग्रस्त हो गई। इमारत जिस गली में गिरी, वह मोहल्ले के लोगों के लिए दूसरी साइड जाने का मुख्य रास्ता थी।
यह भी पढ़ें: जालंधर में सुपर क्रीमिका स्वीट्स और Zomato को लीगल नोटिस जारी
इमारत ढहने के बाद रास्ता पूरी तरह बंद हो गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों को अपने वाहन दूर खड़े कर वैकल्पिक रास्तों से पैदल ही घर पहुंचना पड़ा। देर रात तक आवाजाही बाधित रही। स्थानीय निवासी अनिल ने बताया कि यह बिल्डिंग कई दशकों पुरानी थी और इसकी हालत लगातार खराब होती जा रही थी।
राहत व सुरक्षा कार्य शुरू
लोगों द्वारा इसकी शिकायतें भी की गई थीं, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, नगर निगम और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए और राहत व सुरक्षा कार्य शुरू कर दिए गए।गनीमत रही कि हादसे के समय इमारत के अंदर कोई मौजूद नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि मलबा गली में फैल जाने के कारण देर रात तक क्षेत्र में परेशानी बनी रही।
प्रशासन की ओर से जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य देर रात तक चलता रहा। फिलहाल पूरे इलाके को सुरक्षित कर दिया गया है और आसपास की इमारतों की जांच शुरू करने की बात कही गई है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जर्जर और खतरनाक इमारतों की पहचान कर उन्हें गिराने या मरम्मत कराने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।









