UGC New Rules: यूजीसी के नए नियमों को लेकर सड़कों पर उतरे लोग, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, सरकार जारी करेगी फैक्ट

यूजीसी यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए ‘उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के नियम 2026’ (Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026) लाया गया है जिसका मकसद कैंपस में जाति-आधारित भेदभाव को रोकना है।

Muskaan Dogra
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UGC
Punjab Government
Highlights
  • कैंपस में जाति-आधारित भेदभाव को रोकना
  • सरकार इन नियमों को लेकर पेश करेगी तथ्य
  • नियमों को लेकर ऊंची जाति के लोग नाराज
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डेली संवाद, नई दिल्ली। UGC  New Rules: यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों को लेकर लगातार तनाव जारी है। इसे लेकर छात्रों द्वारा जबरदस्त प्रदर्शन किया जा रहा है। छात्रों और शिक्षण संस्थानों को इन नियमों के दुरुपयोग होने का डर सता रहा है।

दरअसल यूजीसी यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए ‘उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के नियम 2026’ (Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026) लाया गया है जिसका मकसद कैंपस में जाति-आधारित भेदभाव को रोकना है।

UGC New Rules
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सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

इस नियमों को लेकर विवाद पैदा हो गया है जिसके चलते इसे वापिस लेने की मांग की जा रही है और लोग सड़कों पर उतर आए है। इसके साथ ही मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया है। वहीं अब सरकार इन नियमों के खिलाफ विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही गलत जानकरी का मुकालबा करने के लिए तथ्य पेश करेगी।

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सरकार का कहना है कि इन नियमों का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा और भ्रम फैलाने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बता दे कि यूजीसी ने नए नियम 13 जनवरी 2026 को लागू किए गए थे जिसे लेकर ऊंची जाति के लोगों द्वारा नाराजगी देखी जा रही है और इसका विरोध किया जा रहा है।

University Grants Commission
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सरकार सामने रखेगी तथ्य

सरकार ने कहा कि ‘हमारी कोशिश है कि सभी तथ्य सामने रखे जाएं, जिससे भ्रम न फैले। संसद के बजट सत्र से पहले विपक्ष इसे एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश में है। मंत्रालय सभी भ्रांतियों को दूर करने के लिए विस्तृत स्पष्टीकरण जारी कर सकता है। सरकार का जोर है कि ये नियम सभी छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए निष्पक्ष और सुरक्षित परिसर बनाने के उद्देश्य से हैं, न कि किसी वर्ग के खिलाफ।’

यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) ने 2026 में नए नियम बनाए हैं, जिसका नाम है Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026। ये नियम यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए हैं। नियमों के मुताबिक हर यूनिवर्सिटी और कॉलेज में एक इक्विटी कमेटी बनानी होगी।

UGC New Rules
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रोका जा सकता फंड

ये कमेटी एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों की शिकायतें सुनेगी और तय समय में उनका निपटारा करेगी। कमेटी में एससी-एसटी, ओबीसी, दिव्यांग और महिलाओं का होना जरूरी है। कमेटी का काम कैंपस में बराबरी का माहौल बनाना और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए योजनाएं लागू करना है। वहीं अगर कोई संस्थान इन नियमों का पालन नहीं करता, तो UGC उनकी मान्यता रद्द कर सकता है या फंड रोका जा सकता है।



















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मुस्कान डोगरा, डेली संवाद ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वे क्राइम, राजनीति और लोकल खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। वह 4 सालों से अधिक समय से Daily Samvad (Digital) में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत डेली संवाद से की। उन्होंने हरियाणा के महर्षि दयानंद युनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन की डिग्री हासिल की है।
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