डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: राज्य में सतत और दक्ष ऊर्जा आधारित भविष्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ऊर्जा संरक्षण को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी (PEDA) ने अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं की शुरुआत के लिए प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के साथ दो समझौते हस्ताक्षरित किए हैं।
पंजाब के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत मंत्री अमन अरोड़ा (Aman Arora) ने बताया कि भवनों, उद्योगों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में ऊर्जा दक्षता को बेहतर बनाने के लिए ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में अनुसंधान को प्रोत्साहित करने हेतु चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, घड़ुआं तथा भाई गुरदास इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, संगरूर के साथ ये समझौते किए गए हैं।
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पेडा को इन समझौतों के लिए बधाई देते हुए अमन अरोड़ा (Aman Arora) ने कहा कि इन समझौतों का उद्देश्य पंजाब में ऊर्जा खपत को कम करने और दक्षता बढ़ाने के लिए नवाचार, अनुसंधान और व्यावहारिक समाधानों को प्रोत्साहित करने हेतु सरकार, शैक्षणिक संस्थानों और विद्यार्थियों के बीच मजबूत सहयोग विकसित करना है। इस पहल के अंतर्गत इंजीनियरिंग कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों को ऊर्जा से संबंधित अनुसंधान, क्षेत्रीय अध्ययन, प्रौद्योगिकी विकास और पायलट परियोजनाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने का बेहतर अवसर प्रदान किया जाएगा।

अरोड़ा ने बताया कि इन समझौतों पर पेडा की सीईओ नीलिमा द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं। ये समझौते युवा प्रतिभाओं को निखारने, तकनीकी कौशल को सुदृढ़ करने तथा विद्यार्थियों में ऊर्जा संरक्षण और सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे।
उन्होंने आगे कहा कि इन समझौतों के अंतर्गत शुरू की जाने वाली अनुसंधान एवं विकास परियोजनाएं राज्य भर में भवनों, उद्योगों और सार्वजनिक स्थलों में ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने, हरित प्रौद्योगिकियों और श्रेष्ठ प्रथाओं को प्रोत्साहित करने, दीर्घकालिक ऊर्जा योजना के लिए नीतियां तैयार करने तथा ऊर्जा लागत और कार्बन उत्सर्जन को कम करने पर केंद्रित होंगी।










