डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: पंजाब के जालंधर में आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबरॉय की हत्या को लेकर पुलिस की शुरूआती जांच में अहम जानकारी सामने आई है। लेकिन पुलिस ने अभी तक इसे आधिकारिक रूप से मीडिया के साथ साझा नहीं किया। सूत्रों के मुताबिक पुलिस को टारगेट किलिंग का शक है। वहीं, सीसीटीवी खंगालने के बाद पुलिस को एक फुटेज हाथ लगी है। इस फुटेज में सफेट एक्टिवा सवार बदमाश की फोटो सामने आई है।
आपको बता दें कि जालंधर (Jalandhar) में 6 फरवरी की सुबह आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबराय की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वे 52 साल के थे। स्कूटी पर आए हमलावरों ने उन्हें 6 गोलियां मारीं। 5 सीने में और एक गोली सिर पर लगी। लक्की ओबेरॉय मॉडल टाउन इलाके में गुरुद्वारे में माथा टेकने आए थे। जैसे ही वे गुरुद्वारे से निकलकर अपनी थार गाड़ी में बैठने लगे तो बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।

CCTV खंगालने में जुटी पुलिस
परिजन गंभीर हालत में उन्हें मॉडल टाउन के प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार को विश्वास नहीं हुआ तो वे उन्हें शहर के श्रीराम अस्पताल लेकर गए। यहां भी उन्हें मृत बताया गया। एडीसीपी जयंत पुरी ने बताया कि पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। CCTV खंगाले जा रहे हैं। हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस को उनकी टारगेट किलिंग का शक है।
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पुलिस के मुताबिक लक्की ओबेरॉय सुबह 7:15 बजे पॉश इलाके मॉडल टाउन के गुरुद्वारे में माथा टेकने आए थे। वह नियमित तौर पर गुरुद्वारे में आते थे। गुरुद्वारे में माथा टेकने के बाद वह बाहर निकले और घर जाने के लिए थार में बैठ गए। इसी दौरान एक्टिवा पर सवार हमलावर वहां पहुंच गए। उन्होंने थार लेकर जाने से पहले ही थार पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जिससे थार के शीशे चकनाचूर हो गए।
रेकी के बाद हत्या
इसके बाद हमलावरों ने सीधे लक्की ओबेरॉय पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। इस दौरान उनकी छाती और चेहरे पर गोलियां मारीं गई। जब लक्की ओबेरॉय गंभीर रूप से घायल होकर सीट पर लुढ़क गए तो हमलावर वहां से फरार हो गए। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि AAP नेता लक्की ओबेरॉय की हत्या पूरी रेकी करने के बाद की गई है।

पुलिस के मुताबिक हमलावरों ने पहले पता किया कि लक्की रोजाना सुबह 7 बजे के आसपास गुरुद्वारे आते हैं। हमलावरों को उनकी थार के बारे में भी पता था। इसलिए वह लक्की ओबेरॉय का पीछा करते हुए वहां तक पहुंचे। लक्की ओबेरॉय जब गुरुद्वारे के अंदर चले गए तो बाहर उनका इंतजार करने लगे।
टारगेट किलिंग, गैंगस्टर का हाथ संभव
पुलिस जांच के मुताबिक हमलावरों ने गुरुद्वारे से बाहर आने के बाद लक्की का थार में बैठने तक इंतजार किया। इसकी वजह ये थी कि अगर बाहर फायरिंग करते तो लक्की भागकर गुरुद्वारे के अंदर या आसपास किसी और जगह जा सकते थे। मगर, जब वे थार के भीतर बैठ गए तो वहां से निकलकर भागने के लिए उन्हें मौका नहीं मिला। इसी वजह से हमलावर उनका कत्ल करने में कामयाब रहे।
पुलिस को शक है कि यह टारगेट किलिंग है, जिसके पीछे गैंगस्टर हो सकते हैं। लक्की ओबेरॉय के मर्डर को पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया। हमलावरों ने न केवल टारगेट हिट करने के लिए पूरी तैयारी की थी बल्कि उसके बाद फरारी के रास्ते भी ढूंढ रखे थे। ऐसे में संभावना है कि जल्द ही कोई गैंग इसकी जिम्मेदारी ले सकता है।

8 से 9 फायर हुए
श्रीराम अस्पताल के डॉक्टर विशाल ने बताया कि सतिंपाल सिंह जोगी उर्फ लक्की ओबेरॉय को घायल हालत में लाया गया था। लक्की को टारगेट कर 8 से 9 फायर किए गए। इनमें 5 से 6 गोलियां उनके सीने पर लगी हैं जबकि एक गोली चेहरे पर लगी है। गोलियां लगने की वजह से उनकी हालत काफी गंभीर थी। जिसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखकर ट्रीटमेंट दिया जा रहा था लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
शहर में हाई अलर्ट
ADCP जयंत पुरी ने बताया कि वारदात के बाद हमलावर भाग गए थे। पुलिस ने सभी नाकों पर हमलावरों के बारे में सूचित कर दिया है। इसके साथ ही गुरुद्वारे के सीसीटीवी भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस के जो हाईटेक सीसीटीवी लगे हैं, उनकी फुटेज भी निकले जा रहे हैं, ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
पत्नी नगर निगम का चुनाव लड़ चुकीं
जानकारी के अनुसार, लक्की ओबरॉय जालंधर कैंट में AAP के हलका इंचार्ज थे। उनके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है। इसके इलावा दो भाई और मां भी हैं। उनकी पत्नी नगर निगम का चुनाव भी लड़ चुकी हैं।











