डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार, पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के उद्देश्य से चल रही ‘गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम में और तेजी लाते हुए, पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने आज वांछित अपराधियों को पकड़ने के लिए 72 घंटे के ‘ऑपरेशन प्रहार-2’ की शुरुआत की घोषणा की।
डीजीपी गौरव यादव, जिनके साथ विशेष डीजीपी कानून एवं व्यवस्था अर्पित शुक्ला, एडीजीपी एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) नीलाभ किशोर और इंटेलिजेंस प्रमुख डॉ. सुखचैन सिंह गिल भी मौजूद थे, ने सभी सीपी/एसएसपी और रेंज आईजीपी/डीआईजी के साथ उच्च-स्तरीय बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।

वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया
इस बैठक में ‘नशों के खिलाफ युद्ध’ और ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियानों की प्रगति की समीक्षा की गई। यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन प्रहार’ की बड़ी सफलता के कुछ दिनों बाद शुरू की गई है, जिसमें महज 72 घंटों में 3,256 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 69 हथियार बरामद किए गए थे।
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डीजीपी ने बताया कि ‘ऑपरेशन प्रहार-2’ सोमवार से बुधवार तक चलेगा और इसकी प्रभावी निगरानी के लिए पंजाब पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है। ‘गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम के पिछले 20 दिनों के परिणाम साझा करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पुलिस टीमों ने पूरे राज्य में 17,603 छापेमारी कीं और 5,290 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, जिनमें गैंगस्टर और उनके सहयोगी शामिल हैं।
128 हथियार बरामद किए
इनके कब्जे से 128 हथियार बरामद किए गए। इसके अलावा 2,973 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की गई, जबकि 5,413 व्यक्तियों को जांच और पूछताछ के बाद रिहा कर दिया गया। उन्होंने बताया कि 344 भगोड़े अपराधी (प्रॉक्लेम्ड ऑफेंडर/पीओ) भी गिरफ्तार किए गए।
सभी झूठी प्रचारबाजी को खारिज करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरा अभियान पूरी तरह कानून के अनुसार चलाया जा रहा है और पुलिस केवल उन व्यक्तियों को गिरफ्तार कर रही है जो अपराध में वांछित हैं।

अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई
पुलिस जिलों में प्रभावी निगरानी के लिए स्पेशल डीजीपी, एडीजीपी, आईजीपी और डीआईजी रैंक के अधिकारियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है और सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या चूक के लिए संबंधित अधिकारी जवाबदेह होंगे।
राज्य भर में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और अपराध निपटान व्यवस्था को मजबूत करने के लिए डीजीपी ने बताया कि सभी सीपी/एसएसपी और रेंज आईजीपी/डीआईजी को पूर्ण तैयारी के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) भी जारी की गई है।
निरीक्षण करने के निर्देश दिए
उन्होंने कहा कि सीपी/एसएसपी को जांच की निगरानी करने और जघन्य अपराधों का पता लगाने के लिए सभी महत्वपूर्ण अपराध संभावित स्थानों का व्यक्तिगत निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी जिला प्रमुखों को भीड़-भाड़ वाले इलाकों और हॉटस्पॉट क्षेत्रों में व्यक्तिगत दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पुलिस की मौजूदगी और जनता का भरोसा बढ़े।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि नॉन-कोर ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल का ऑडिट और लामबंदी की जा रही है ताकि 24 घंटे सक्रिय हाई-टेक नाकों और शहर के सीलिंग पॉइंट्स को और मजबूत करने के लिए अधिक से अधिक जवान उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि कई अपराध में इस्तेमाल होने वाले वाहन बिना नंबर प्लेट के घूम रहे हैं, इसीलिए वाहनों की जांच, खासकर दोपहिया वाहनों के चालान और जब्त करने पर विशेष ध्यान केंद्रित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
15.91 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद
वायरलेस सेट और वॉकी-टॉकी का अधिकतम उपयोग करने पर जोर देते हुए डीजीपी ने कहा कि संबंधित सीपी/एसएसपी/रेंज आईजीपी/डीआईजी की जिम्मेदारी होगी कि किसी घटना की सूचना मिलते ही तुरंत उचित पुलिस कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने कहा, “किसी भी आपराधिक घटना की सूचना मिलते ही अपराधियों के फरार होने की संभावित रास्तों और निकास स्थानों पर तीखी नजर रखते हुए उन्हें रोकने के लिए एक व्यापक सीलिंग योजना तुरंत लागू की जानी चाहिए।”
1 मार्च 2025 को शुरू की गई ‘नशों के खिलाफ युद्ध’ मुहिम के तहत नशों के खिलाफ चल रही अथक लड़ाई को रेखांकित करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पंजाब पुलिस (Punjab Police) ने 48,167 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, 33,779 एफआईआर दर्ज कीं और उनके कब्जे से 2,149 किलो हेरोइन, 29 किलो आईसीई, 649 किलो अफीम, 28,527 किलो भुक्की, 48.31 लाख नशीली गोलियाँ/कैप्सूल और 15.91 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद की है।
उन्होंने कहा कि लोग गुप्त रूप से वांछित अपराधियों/गैंगस्टरों की जानकारी एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 पर दे सकते हैं और किसी भी अपराध या आपराधिक गतिविधि की सूचना भी साझा कर सकते हैं।












