Vande Matram New Rules: सरकारी समारोहों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य, राष्ट्रगान के साथ नए दिशा-निर्देश जारी

नियमों के अनुसार, राष्ट्रगान के तुरंत बाद छह श्लोकों वाला वंदे मातरम गाया जाएगा। इस दौरान सभी को खड़े रहना होगा। यह गाना 3 मिनट 10 सेकंड लंबा है। गीत के पूरे छह छंद बजाए जाएंगे, जिनमें से चार छंद 1937 में कांग्रेस ने हटा दिए थे।

Muskaan Dogra
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Vande Matram New Rules
Highlights
  • राष्ट्रगान के बाद वंदे मातरम् अनिवार्य
  • सरकारी व शैक्षणिक संस्थानों में लागू
  • पद्म पुरस्कार समारोह में भी अनिवार्य
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⏱️ 3 मिनट पढ़ने का समय|📝 283 शब्द|📅 11 Feb 2026

डेली संवाद, चंडीगढ़। Vande Matram New Rules: सरकार ने वंदे मातरम के संबंध में नए नियम जारी किए हैं। इन नियमों के अनुसार, राष्ट्रगान के तुरंत बाद छह श्लोकों वाला वंदे मातरम गाया जाएगा। इस दौरान सभी को खड़े रहना होगा। यह गाना 3 मिनट 10 सेकंड लंबा है।

बताया जा रहा है कि नियमों के अनुसार यदि राष्ट्रगान (National Anthem) और वंदे मातरम को एक साथ गाया जाना है, तो पहले वंदे मातरम गाया जाएगा। गीत के पूरे छह छंद बजाए जाएंगे, जिनमें से चार छंद 1937 में कांग्रेस ने हटा दिए थे। यह फैसला स्वतंत्रता संग्राम के इस गीत को उसकी मूल शक्ति के साथ वापस लाने की कोशिश है।

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बता दे कि सिनेमा हॉल में फिल्मों के दौरान यह नियम लागू नहीं होगा। नए नियमों के तहत ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान के तुरंत बाद बजाया जाएगा। यानी पहले फिर ‘जन गण मन’। यह सभी सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों में लागू होगा। ‘वंदे मातरम्’ अब पद्म पुरस्कार जैसे नागरिक सम्मान समारोहों में भी बजाया जाएगा।

वंदे मातरम गाना अनिवार्य

सरकारी समारोहों में वंदे मातरम गाना अनिवार्य है। इनमें ध्वजारोहण, राष्ट्रपति के आगमन से पहले और बाद में, और राज्यपालों के प्रस्थान से पहले और बाद में वंदे मातरम गाना शामिल है। पद्मा पुरस्कार जैसे समारोहों के दौरान वंदे मातरम गाना भी अनिवार्य है। सरकार ने इन समारोहों की सूची भी जारी कर दी है।

Vande Matram New Rules: सरकारी समारोहों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य, राष्ट्रगान के साथ नए दिशा-निर्देश जारी

ये दिशानिर्देश मुख्य रूप से सरकारी समारोहों, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय कार्यक्रमों, शैक्षणिक संस्थानों के आधिकारिक कार्यक्रमों और सरकारी प्रोटोकॉल से संबंधित अन्य कार्यक्रमों पर लागू होंगे। यह कोई दंडात्मक कानून नहीं है, बल्कि एक प्रशासनिक प्रोटोकॉल है जिसे सरकारी कार्यक्रमों में अपनाया जाएगा।

















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मुस्कान डोगरा, डेली संवाद ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वे क्राइम, राजनीति और लोकल खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। वह 4 सालों से अधिक समय से Daily Samvad (Digital) में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत डेली संवाद से की। उन्होंने हरियाणा के महर्षि दयानंद युनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन की डिग्री हासिल की है।
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