डेली संवाद, नई दिल्ली। Bharat Bandh: किसान यूनियन ने 12 फरवरी 2026 को देशभर में बड़े पैमाने पर हड़ताल और भारत बंद (Bharat Bandh) का आह्वान किया है। यह आह्वान 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने संयुक्त रूप से किया है। यूनियनों का दावा है कि इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन में करीब 30 करोड़ मजदूर और किसान भाग ले सकते हैं।
हालांकि हड़ताल का प्रभाव अलग-अलग राज्यों में अलग स्तर पर देखने को मिल सकता है। सरकारी बैंक कर्मचारियों की कई यूनियनों ने इस बंद को समर्थन दिया है। इसमें एसबीआई (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा और आईडीबीआई जैसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक शामिल बताए जा रहे हैं।
बैंकों में हड़ताल
बैंक शाखाएं पूरी तरह बंद नहीं होंगी, लेकिन कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण काउंटर सेवाएं, नकद निकासी-जमा, ड्राफ्ट और चेक क्लियरेंस जैसी सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि एटीएम, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहने की संभावना है। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे आवश्यक बैंकिंग कार्य पहले ही निपटा लें या डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें।
परिवहन सेवाएं हो सकती हैं प्रभावित
कई राज्यों में बस और ट्रक यूनियनों ने भी बंद को समर्थन दिया है। ओडिशा, केरल, असम सहित कुछ अन्य राज्यों में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बाधित हो सकती हैं। कुछ स्थानों पर चक्का जाम या प्रदर्शन की स्थिति बन सकती है, जिससे सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
रेल सेवाओं पर आधिकारिक रूप से कोई रोक नहीं है, लेकिन स्थानीय विरोध प्रदर्शनों के कारण कुछ जगहों पर व्यवधान संभव है। यात्रियों को यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग की सलाह देखने को कहा गया है।

बाजार, दफ्तर और औद्योगिक इकाइयां
कुछ शहरों और कस्बों में व्यापारी संगठनों ने भी बंद को समर्थन दिया है, जिससे बाजार और दुकानें आंशिक या पूर्ण रूप से बंद रह सकती हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSU) और कुछ सरकारी विभागों में कामकाज धीमा पड़ने की संभावना है। औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पादन प्रभावित हो सकता है, विशेषकर जहां ट्रेड यूनियनों की मजबूत उपस्थिति है।
स्कूल-कॉलेजों की स्थिति
अब तक स्कूलों को बंद करने का कोई राष्ट्रव्यापी आदेश जारी नहीं हुआ है। हालांकि जिन राज्यों में बंद का असर ज्यादा हो सकता है, वहां स्थानीय प्रशासन एहतियातन स्कूल और कॉलेज बंद रखने का निर्णय ले सकता है। इस समय बोर्ड परीक्षाओं का दौर चल रहा है, इसलिए अधिकांश शैक्षणिक संस्थान खुले रहने की संभावना है।
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फिर भी परिवहन बाधित होने की स्थिति में छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में दिक्कत हो सकती है। अभिभावकों और छात्रों को सलाह दी गई है कि वे संबंधित स्कूल या जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचना अवश्य जांच लें।

कौन-सी सेवाएं रहेंगी सामान्य?
आपातकालीन सेवाएं जैसे अस्पताल, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल स्टोर सामान्य रूप से खुले रहेंगे। एयरपोर्ट पर उड़ानें निर्धारित समय के अनुसार संचालित होंगी, लेकिन संभावित सड़क जाम को देखते हुए यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है।
हड़ताल की मुख्य मांगें
ट्रेड यूनियनों का कहना है कि सरकार द्वारा लागू नए लेबर कोड श्रमिकों के हित में नहीं हैं। ये कोड पहले के 29 श्रम कानूनों की जगह लाए गए हैं। यूनियनों का आरोप है कि इससे मजदूरों के अधिकार कमजोर होंगे।
वहीं किसान संगठनों ने कुछ अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों का विरोध जताया है। आंदोलनकारी मनरेगा को मजबूत करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग भी कर रहे हैं।
आम जनता के लिए सलाह
हड़ताल के दिन घर से निकलने से पहले अपने शहर की स्थिति की जानकारी लें। जरूरी काम पहले निपटाएं, डिजिटल बैंकिंग का उपयोग करें और यात्रा की योजना बनाते समय अतिरिक्त समय रखें। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।










