डेली संवाद, लुधियाना। Punjab Ludhiana Land Scam News Update: पंजाब के लुधियाना जिले के सब-डिवीजन ईस्ट में वर्ष 2016 से 2019 के बीच हुए 296 जमीन सौदों में कथित रूप से कम कीमत दिखाकर स्टांप ड्यूटी चोरी करने का मामला अब बड़े जमीन घोटाले का रूप लेता नजर आ रहा है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान लुधियाना पुलिस ने अदालत को बताया कि सभी 296 मामलों में अलग-अलग FIR दर्ज कर गहन और निष्पक्ष जांच की जाएगी।
सुनवाई के दौरान पंजाब (Punjab) के लुधियाना (Ludhiana) के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ADCP) ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि प्रत्येक मामले में स्वतंत्र रूप से FIR दर्ज की जाएगी, ताकि किसी भी स्तर पर जांच प्रभावित न हो। अदालत में मौजूद जिला राजस्व अधिकारी (DRO) गिरजिंदर सिंह ने भी कहा कि वे स्वयं इस पूरे प्रकरण की जांच की निगरानी करेंगे और अगली सुनवाई पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करेंगे।

296 मामलों में स्टांप ड्यूटी कम वसूली
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह जांच की जाएगी कि जिन 296 मामलों में स्टांप ड्यूटी की कम वसूली हुई, उसकी भरपाई अब तक क्यों नहीं की गई। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 13 फरवरी को निर्धारित की है। इस दौरान जांच की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने डिवीजन नंबर-5 थाने में दर्ज दो पुरानी FIR का भी उल्लेख किया। पहली FIR 2 जुलाई 2016 (नंबर 113) और दूसरी 17 नवंबर 2022 (नंबर 301) को दर्ज हुई थी। 2016 की FIR में पुलिस ने कैंसलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी थी, जबकि दूसरी FIR में धारा 173(2) सीआरपीसी के तहत रिपोर्ट पहले ही पेश की जा चुकी है।

सुभाष कुंद्रा उर्फ केटी की शिकायत
कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि जब दोनों FIR में आरोप समान हैं, तो FIR नंबर 113 में कैंसलेशन रिपोर्ट दाखिल करने का औचित्य समझ से परे है। अदालत ने राज्य के वकील को निर्देश दिया कि FIR नंबर 113 में भी दो सप्ताह के भीतर धारा 173(2) सीआरपीसी के तहत रिपोर्ट दाखिल की जाए।
यह पूरा मामला चंडीगढ़ रोड, सेक्टर 32-A निवासी व्हिसलब्लोअर सुभाष कुंद्रा उर्फ केटी द्वारा दायर रिट याचिका के बाद फिर से चर्चा में आया। केटी वर्ष 2016 से इस मामले को उठा रहे हैं। उन्होंने पुलिस, विजिलेंस ब्यूरो और जिला प्रशासन को कई शिकायतें भेजकर आरोप लगाया था कि जमीन की रजिस्ट्री में कम कीमत दर्शाकर सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया गया।

इन पर दर्ज हुई थी FIR
मामला सामने आने के बाद 2 जुलाई 2016 को डिवीजन नंबर-5 पुलिस ने रामलीला कमेटी दरेसी, कमल कुमार बस्सी, उनकी पत्नी राज रानी बस्सी, बेटी दीपिका चोपड़ा सहित अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की थी। आरोप था कि राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से दस्तावेजों में हेराफेरी कर जमीन का गलत एरिया दिखाकर रजिस्ट्री कराई गई, जिससे सरकार को लाखों रुपये का नुकसान हुआ।
इस मामले में मोहिंदर कौर, उर्मिला रानी और पल्लवी अरोड़ा को भी नामजद किया गया था। आरोपियों पर IPC की धारा 177, 420 और 120-B के तहत केस दर्ज किया गया था। बताया जाता है कि 2016 की FIR में पुलिस द्वारा कई बार कैंसलेशन रिपोर्ट दाखिल की गई, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
दोबारा दर्ज होगी FIR
बाद में 11 नवंबर 2022 को उन्हीं आरोपियों के खिलाफ दोबारा समान धाराओं में FIR दर्ज की गई। अब हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और व्यापक जांच होगी। 296 जमीन सौदों से जुड़े इस मामले पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है।









