डेली संवाद, मुंबई। Rajpal Yadav Debt Crisis: बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव (Rajpal Yadav) एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी कोई फिल्म नहीं बल्कि बढ़ता कर्ज और अदालत की सख्ती है।
छोटे शहर से निकलकर हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाने वाले राजपाल यादव को आखिरकार दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद 5 फरवरी 2026 को तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा। उनके चाहने वालों के लिए यह खबर बेहद निराशाजनक है।
5 करोड़ के कर्ज से 9 करोड़ की देनदारी तक
मामले की शुरुआत साल 2010 में हुई, जब राजपाल यादव (Rajpal Yadav) ने बतौर निर्माता फिल्म बनाने का फैसला किया। फिल्म का नाम था अता-पता लापता। इस फिल्म में वे खुद निर्माता और अभिनेता दोनों थे। फिल्म के निर्माण के लिए उन्होंने दिल्ली की एक निजी कंपनी M/s Murli Projects Pvt Ltd से करीब 5 करोड़ रुपये का लोन लिया।
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यह लोन एग्रीमेंट और पोस्ट-डेटेड चेक के जरिए लिया गया था। फिल्म 2012 में रिलीज हुई, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई। फिल्म की असफलता के बाद राजपाल यादव आर्थिक संकट में घिर गए और समय पर लोन नहीं चुका पाए।

चेक बाउंस से मामला बना आपराधिक
लोन की रकम पर ब्याज और पेनाल्टी जुड़ती रही, जिससे कुल देनदारी बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यही कर्ज अब उनके लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन गया। लोन चुकाने के लिए राजपाल यादव की कंपनी की ओर से कई चेक जारी किए गए थे। इन चेकों पर उनकी पत्नी राधा यादव के भी हस्ताक्षर थे। लेकिन भुगतान न होने के कारण ये चेक बाउंस हो गए। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा।
अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी को Section 138 of the Negotiable Instruments Act के तहत दोषी करार दिया और 6 महीने की सजा सुनाई। हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। पत्नी को जेल नहीं भेजा गया, क्योंकि अदालत ने माना कि उन्होंने केवल पति के कहने पर दस्तखत किए थे।

हाईकोर्ट से मिली राहत और फिर सख्ती
जून 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट ने अस्थायी रूप से सजा पर रोक लगा दी थी, ताकि दोनों पक्षों के बीच समझौते की संभावना तलाश की जा सके। अदालत ने राजपाल यादव को भुगतान के लिए समय दिया।
अक्टूबर 2025 में उन्होंने कुछ डिमांड ड्राफ्ट जमा भी कराए, लेकिन पूरी बकाया राशि नहीं चुकाई जा सकी। 2 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि राजपाल यादव अदालत के आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं और अब उन्हें सरेंडर करना होगा। इसके बाद 5 फरवरी 2026 को उन्होंने तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया।
घर पर भी हुई कार्रवाई
इस आर्थिक संकट का असर उनकी संपत्ति पर भी पड़ा। 8 अगस्त 2024 को Central Bank of India ने उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर स्थित उनके घर को सील कर दिया। बैंक का कहना था कि लोन की शर्तों का पालन नहीं किया गया।
बताया जाता है कि राजपाल यादव की अनुमानित नेटवर्थ 15 से 20 करोड़ रुपये के बीच मानी जाती है, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। उनकी आय का मुख्य स्रोत फिल्में और ब्रांड एंडोर्समेंट रहे हैं। शाहजहांपुर में पैतृक संपत्ति के अलावा मुंबई में भी उनके पास एक घर होने की चर्चा है।

‘हेरा फेरी’ से हकीकत तक
राजपाल यादव ने अपने करियर में कई यादगार भूमिकाएं निभाई हैं। खासकर फिल्म हेरा फेरी में उनका किरदार दर्शकों को खूब पसंद आया था। फिल्म में उन्होंने 21 दिन में पैसे डबल करने का सपना देखा था, लेकिन अंत में ठगी का शिकार हो गए थे। रील लाइफ की वह कहानी आज उनकी असल जिंदगी से मेल खाती नजर आ रही है, जहां फिल्म निर्माण का जोखिम उठाना उनके लिए भारी पड़ गया।
राजपाल यादव ने अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है। कॉमिक टाइमिंग और देहाती अंदाज ने उन्हें इंडस्ट्री में अलग पहचान दिलाई। लेकिन अब यह कानूनी संकट उनके करियर पर भी असर डाल सकता है। फिल्म इंडस्ट्री में कई सितारे आर्थिक विवादों में फंसे हैं, लेकिन राजपाल यादव का मामला इसलिए अलग है क्योंकि इसमें अदालत की अवमानना और चेक बाउंस जैसे आपराधिक प्रावधान शामिल हैं।
करियर पर पड़ेगा असर?
फिलहाल, सबकी नजर इस बात पर है कि क्या वे भविष्य में बकाया राशि चुका पाएंगे और दोबारा अपने करियर को पटरी पर ला पाएंगे। उनके प्रशंसकों को उम्मीद है कि ‘कॉमेडी किंग’ इस मुश्किल दौर से उबरकर फिर से बड़े पर्दे पर मुस्कान बिखेरते नजर आएंगे।
हालांकि, यह मामला फिल्मी दुनिया के उन कलाकारों के लिए भी एक सबक है जो बड़े सपनों के साथ प्रोडक्शन में कदम रखते हैं। सही वित्तीय योजना और कानूनी सतर्कता के बिना लिया गया कर्ज, स्टारडम को भी मुश्किल में डाल सकता है।









