डेली संवाद, मोगा। Punjab News: पंजाब के मोगा जिले में 10 फरवरी को दो प्रवासी मजदूरों पर हुई फायरिंग मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरे को मौके से काबू कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और हथियार भी बरामद किए हैं।
जानकारी के अनुसार, पंजाब (Punjab) के मोगा (Moga) की एक फैक्ट्री में काम करने वाले बिहार निवासी दो प्रवासी मजदूरों पर अज्ञात युवकों ने गोलियां चला दी थीं। इस हमले में दोनों मजदूर घायल हो गए थे, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी।

पुलिस ने दोनों किया गिरफ्तार किया
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान आरोपियों की पहचान जोबनप्रीत और आकाशदीप के रूप में हुई। दोनों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी घल्ल कलां इलाके में घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही मोगा पुलिस और सीआईए स्टाफ की टीम ने संयुक्त रूप से इलाके में घेराबंदी की।
जब पुलिस टीम ने संदिग्धों को रुकने का इशारा किया तो उन्होंने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान जोबनप्रीत के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया। वहीं, उसका साथी आकाशदीप मौके से भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे भी काबू कर लिया।

बाइक और हथियार बरामद
पुलिस ने घटनास्थल से एक मोटरसाइकिल और हथियार बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल 10 फरवरी की वारदात में किया गया था। घायल आरोपी को तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में लिया गया है।
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वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी किसी विदेशी हैंडलर के इशारे पर पंजाब का माहौल खराब करने की साजिश रच रहे थे। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं इस वारदात के पीछे कोई संगठित गिरोह या बड़ी साजिश तो नहीं है। साइबर सेल की मदद से आरोपियों के मोबाइल फोन और संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस पूछताछ में जुटी
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें किसने निर्देश दिए और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
घटना के बाद से प्रवासी मजदूरों में भय का माहौल था, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद स्थिति सामान्य होने लगी है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जिले में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।

नेटवर्क का पर्दाफाश होगा
पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। अधिकारियों ने कहा कि राज्य में शांति और भाईचारे को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, अवैध हथियार रखने और पुलिस पर हमला करने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का दावा कर रही है।










