डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर पुलिस ने अर्बन एस्टेट इलाके में हुई 19 लाख रुपये की कथित लूट की वारदात का पर्दाफाश करते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह लूट असल में बीमा क्लेम हासिल करने के लिए रची गई साजिश थी। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि शिकायतकर्ता दंपति की भूमिका भी जांच के घेरे में है।
जालंधर (Jalandhar) के एडीसीपी हरविंदर सिंह गिल ने प्रेस वार्ता में बताया कि 6 फरवरी को बैंक एन्क्लेव निवासी प्रिया वर्मा ने थाना डिवीजन नंबर 7 में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में प्रिया ने कहा था कि वह अपने पति रामानंद के साथ बैंक से 19 लाख 10 हजार रुपये निकालकर किसी व्यक्ति को देने जा रही थीं। इसी दौरान अर्बन एस्टेट फेज-2 में एलजी स्टोर के पास दो मोटरसाइकिल सवार युवकों ने उनके हाथ से पैसों से भरा बैग छीन लिया और फरार हो गए।

जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
शिकायत के आधार पर थाना सात के प्रभारी एसआई बलजिंदर सिंह की टीम ने अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी जांच के जरिए संदिग्धों की पहचान की।
जांच के दौरान पुलिस ने खुरला किंगरा निवासी भीमा उर्फ फूल कुमार और उसके साथी अभि को गिरफ्तार किया। दोनों को अदालत में पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने जो खुलासा किया, उसने पूरे मामले की दिशा बदल दी।

प्रिया वर्मा ने रची साजिश
आरोपियों ने कबूल किया कि यह पूरी वारदात प्रिया वर्मा और उनके पति रामानंद की सोची-समझी साजिश थी। योजना के मुताबिक, उन्हें एलजी स्टोर के पास से प्रिया के हाथ से खाली बैग छीनकर भागना था, ताकि बाद में 19.10 लाख रुपये की लूट का मामला दर्ज करवाया जा सके और बीमा कंपनी से क्लेम हासिल किया जा सके।
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पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बैग छीनने के बाद उसे रास्ते में फेंक दिया था। इस काम के बदले प्रिया ने दोनों को 7000 रुपये दिए थे, जिसे उन्होंने आपस में बांट लिया। इसके बाद पुलिस ने प्रिया और उसके पति से भी लंबी पूछताछ की।
गिरफ्तारी से पहले बाहर भेजे गए आरोपी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जब प्रिया को शक हुआ कि पुलिस गहराई से जांच कर रही है और आरोपियों तक पहुंच सकती है, तो उसने दोनों को जालंधर से बाहर भेज दिया था। हालांकि, पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
एडीसीपी हरविंदर सिंह गिल ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और शिकायतकर्ता दंपति की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। यदि साजिश में उनकी संलिप्तता साबित होती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बीमा धोखाधड़ी का प्रयास
पुलिस के अनुसार, यह मामला बीमा धोखाधड़ी के प्रयास से जुड़ा है। अगर यह योजना सफल हो जाती, तो बीमा कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान हो सकता था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या पहले भी इस तरह की कोई कोशिश की गई थी या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं।
इस खुलासे के बाद शहर में चर्चा का माहौल है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की फर्जी शिकायत दर्ज कराने या धोखाधड़ी की योजना में शामिल न हों, क्योंकि कानून से बच पाना संभव नहीं है। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं और मामले की आगे की जांच जारी है।









