कोलंबो से विशेष रिपोर्ट, डेली संवाद। India vs Pakistan T20 World Cup: ICC Men’s T20 World Cup में भारत ने अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी Pakistan national cricket team को 61 रन से करारी शिकस्त देकर इतिहास रच दिया। टी-20 फॉर्मेट में यह पाकिस्तान पर टीम इंडिया की अब तक की सबसे बड़ी जीत है। साथ ही टूर्नामेंट के इतिहास में यह पाकिस्तान की दूसरी सबसे बड़ी हार भी दर्ज हुई। इस जीत के साथ भारत ने न सिर्फ दो अहम अंक हासिल किए, बल्कि अपने मजबूत इरादों का भी स्पष्ट संदेश दिया।
रविवार को R. Premadasa Stadium में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारत (India) ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। शुरुआत हालांकि उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा एक बार फिर खाता खोले बिना पवेलियन लौट गए। यह इस साल चौथी बार रहा जब वह शून्य पर आउट हुए। शुरुआती झटके के बावजूद भारतीय टीम ने संयम नहीं खोया।

किशन ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी
इसके बाद पारी को संभालने की जिम्मेदारी युवा बल्लेबाज ईशान किशन ने उठाई। किशन ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तानी गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। उन्होंने महज 27 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और 40 गेंदों पर 77 रन की विस्फोटक पारी खेली। अपनी इस पारी में उन्होंने कई आकर्षक चौके और छक्के जड़े, जिससे स्टेडियम में मौजूद भारतीय समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
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मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने भी उपयोगी योगदान दिया, जिसके दम पर भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 176 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। 176 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम की शुरुआत भी बेहद खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने नई गेंद से ही सटीक लाइन-लेंथ के साथ हमला बोला। तेज गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में विकेट चटकाकर पाकिस्तान को बैकफुट पर धकेल दिया। दबाव बढ़ने के साथ पाकिस्तानी बल्लेबाज बड़े शॉट खेलने की कोशिश में लगातार विकेट गंवाते रहे।

भारतीय गेंदबाजी आक्रमण
मध्यक्रम भी भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने टिक नहीं सका। स्पिनरों ने बीच के ओवरों में रन गति पर लगाम लगाई और नियमित अंतराल पर विकेट झटके। नतीजतन पाकिस्तान की पूरी टीम 18 ओवर में 114 रन पर सिमट गई। इस तरह भारत ने 61 रन से शानदार जीत दर्ज की।
यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक रही। टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत ने इससे पहले पाकिस्तान को 2007 में जोहान्सबर्ग में 5 रन और 2024 में न्यूयॉर्क में 6 रन से हराया था। लेकिन इस बार 61 रन का अंतर दोनों टीमों के बीच प्रदर्शन के फर्क को साफ दर्शाता है। भारतीय टीम ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—तीनों विभागों में पाकिस्तान पर स्पष्ट बढ़त बनाई।
टीम के सामूहिक प्रदर्शन की सराहना
मैच के बाद भारतीय कप्तान ने टीम के सामूहिक प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने योजना के अनुसार खेल दिखाया। खास तौर पर ईशान किशन की पारी को निर्णायक करार दिया गया। वहीं गेंदबाजों की अनुशासित लाइन-लेंथ और आक्रामक सोच ने जीत की नींव रखी।

दूसरी ओर पाकिस्तानी कप्तान ने हार को निराशाजनक बताते हुए स्वीकार किया कि टीम दबाव में बिखर गई। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी क्रम को बेहतर प्रदर्शन करना होगा और बड़े मैचों में संयम बनाए रखना जरूरी है।
टीम का मनोबल भी काफी ऊंचा
भारत की इस जीत से अंक तालिका में उसकी स्थिति मजबूत हुई है और टीम का मनोबल भी काफी ऊंचा हुआ है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मुकाबला रोमांच और गर्व से भरा रहा। भारत-पाकिस्तान मुकाबला हमेशा भावनाओं से जुड़ा होता है, लेकिन इस बार टीम इंडिया ने प्रदर्शन से भी यह साबित कर दिया कि वह खिताब की प्रबल दावेदार है।









