डेली संवाद, जालंधर। DIPS News: आज के दौर में जहां प्रतिस्पर्धा और भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास एक-दूसरे की सराहना और आभार व्यक्त करने का समय नहीं है, वहीं खुशी आज की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है, खासकर बच्चों के लिए। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए डिप्स संस्थान में “अंतरराष्ट्रीय खुशी दिवस” बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया।
इस विशेष अवसर पर “हंसी” को दिन का मुख्य विषय बनाया गया। शिक्षकों ने बच्चों को खुश करने के लिए मजेदार चुटकुले, रोचक घटनाएं और मनोरंजक कहानियां सुनाईं। बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हुए हैप्पी फेस और फनी फेस बनाकर अपनी खुशी का इजहार किया। इस गतिविधि के माध्यम से उन्हें मुस्कान और खिलखिलाहट के महत्व को समझाया गया।

बच्चों के लिए आनंददायक रहा
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि हंसते-मुस्कुराते बच्चे बगीचे में खिले डैफोडिल्स, बादलों में बरसती बारिश और आसमान में सजे इंद्रधनुष की तरह होते हैं। डिप्स प्री-विंग के शिक्षक हमेशा इस सिद्धांत को अपनाते हैं कि बच्चों को खुश रखकर ही उन्हें बेहतर शिक्षा दी जा सकती है।
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विद्यालय के प्रिंसिपल्स भी इस पहल में विशेष रुचि ले रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर बच्चा खुशी और सकारात्मक वातावरण में सीख सके। इस अवसर पर एमडी तरविंदर सिंह ने जीवन में मुस्कान के महत्व को साझा किया।
वहीं सीएओ रमनीक सिंह ने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे हमेशा मुस्कुराते रहें, क्योंकि एक खुश शिक्षक ही बच्चों को सच्ची खुशी दे सकता है। यह आयोजन न केवल बच्चों के लिए आनंददायक रहा, बल्कि सभी को यह सिखा गया कि छोटी-छोटी खुशियों में ही जीवन की असली खूबसूरती छिपी होती है।







