डेली संवाद, अलवर। Kanhaiya Mittal controversy: राजस्थान के अलवर में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मशहूर भजन गायक कन्हैया मित्तल स्टेज पर ही साउंड सिस्टम ऑपरेटर के साथ भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ा कि कन्हैया मित्तल बिना भजन गाए ही स्टेज से उतर आए और चले गए। विवाद इतना बढ़ गया कि कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया। यह घटना उस समय हुई जब मित्तल मंच पर भजन प्रस्तुति दे रहे थे और तकनीकी व्यवस्था को लेकर उनका साउंड टीम से टकराव हो गया।
जानकारी के अनुसार, अलवर में इंद्रेश महाराज (Indresh Maharaj) की कथा के दौरान कन्हैया मित्तल (Kanhaiya Mittal) को भजन गाने के लिए आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे और माहौल पूरी तरह भक्तिमय था। इसी बीच साउंड सिस्टम को लेकर गायक और ऑपरेटर के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
कन्हैया मित्तल ने मंच छोड़ा
विवाद इतना बढ़ गया कि कन्हैया मित्तल (Kanhaiya Mittal) ने नाराज होकर माइक छोड़ दिया और बिना माइक के ही मंच से उतरकर श्रद्धालुओं के बीच पहुंच गए। इस अप्रत्याशित स्थिति से कार्यक्रम में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आयोजकों ने इस दौरान गायक का समर्थन करने के बजाय साउंड ऑपरेटर का साथ दिया, जिससे मित्तल और अधिक नाराज हो गए।

कार्यक्रम के बाद जब कन्हैया मित्तल (Kanhaiya Mittal) अलवर से लौट रहे थे, तो उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल नए या उभरते कलाकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े कलाकारों के साथ भी इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने खुलासा किया कि उनके साथ कई बार ऐसा हुआ है जब आयोजकों ने उन्हें तय भुगतान तक नहीं किया।
उभरते कलाकारों को सलाह
कन्हैया मित्तल (Kanhaiya Mittal) ने खास तौर पर उभरते कलाकारों को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें अपने काम को प्रोफेशनल तरीके से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्यक्रम में बिना एडवांस या पूरी भुगतान सुनिश्चित किए मंच पर नहीं चढ़ना चाहिए। उनका कहना था कि “भाईचारे” के नाम पर कलाकारों को बुलाना और बाद में उनकी अनदेखी करना गलत है।
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भजन गायक ने यह भी बताया कि अलवर के इस कार्यक्रम के लिए उन्हें कोई एडवांस नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा कि जो आयोजक सिर्फ पहचान या रिश्तों के आधार पर कलाकारों को बुलाते हैं, वे पेशेवर तरीके से काम करने के योग्य नहीं होते। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके इंद्रेश महाराज के साथ अच्छे संबंध हैं और यह विवाद व्यक्तिगत नहीं है।
साउंड सिस्टम को लेकर नाराजगी
कन्हैया मित्तल (Kanhaiya Mittal) ने साउंड सिस्टम को लेकर भी नाराजगी जताई और कहा कि यह व्यवस्था इंद्रेश महाराज की टीम की थी, लेकिन उनके साउंड ऑपरेटर का व्यवहार बेहद गैर-पेशेवर और अनुचित था। उन्होंने इसे शर्मनाक बताया और कहा कि इस तरह की घटनाएं धार्मिक आयोजनों की गरिमा को भी ठेस पहुंचाती हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोग कन्हैया मित्तल (Kanhaiya Mittal) के समर्थन में उतर आए हैं, तो कुछ लोग आयोजन प्रबंधन पर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल इस विवाद को लेकर आयोजकों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।







