डेली संवाद, लुधियाना। Punjab: लुधियाना में शहर के विकास का रोडमैप तय करने के लिए बुलाई गई नगर निगम की जनरल हाउस बैठक मंगलवार को भारी हंगामे की भेंट चढ़ गई। गुरु नानक भवन में आयोजित इस बैठक में 1258.80 करोड़ रुपये का बजट बिना किसी विस्तृत चर्चा के महज कुछ ही मिनटों में ध्वनि मत से पास कर दिया गया, जिस पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई।
बैठक की शुरुआत होते ही जैसे ही लुधियाना (Ludhiana) निगम सेक्रेटरी विवेक वर्मा ने बजट का एजेंडा सदन में पेश किया, कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा के पार्षदों ने इस पर विस्तार से चर्चा की मांग रख दी। विपक्ष का कहना था कि इतने बड़े बजट में हर वार्ड के लिए क्या प्रावधान किए गए हैं, इसका स्पष्ट विवरण सामने आना चाहिए। हालांकि, मेयर ने इन मांगों को नजरअंदाज करते हुए आम आदमी पार्टी के बहुमत का हवाला देकर सीधे बजट पारित करने का फैसला सुना दिया।

सदन का माहौल पूरी तरह से गरमा गया
इसके बाद सदन का माहौल पूरी तरह से गरमा गया और स्थिति शोर-शराबे में बदल गई। विपक्षी पार्षदों ने विरोध जताने के लिए नारेबाजी की और यहां तक कि बच्चों के खेलने वाले ‘झुंझुने’ बजाकर अपना रोष प्रकट किया। इसके बावजूद सत्ता पक्ष पर इसका कोई असर नहीं पड़ा और बजट को पास कर दिया गया।
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आमतौर पर नगर निगम का बजट सत्र कई घंटों तक चलता है, लेकिन इस बार यह प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी कर दी गई। विपक्षी पार्षदों ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए कहा कि जब चर्चा ही नहीं करनी थी तो बैठक बुलाने का औचित्य क्या था। उनका आरोप है कि यह शहर की जनता के साथ मजाक है।
‘झुंझुने’ बजाकर अपना रोष प्रकट किया
वहीं, मेयर ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष का उद्देश्य केवल हंगामा करना था और उनके पास कोई ठोस सुझाव नहीं था। उन्होंने कहा कि जनहित को ध्यान में रखते हुए बजट पास करना जरूरी था। फिलहाल, इस घटनाक्रम के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।







