डेली संवाद, नई दिल्ली। Ticket Cancellation Rules: भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन और बोर्डिंग नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए उन्हें और सख्त कर दिया है। रेलवे के अनुसार अब यात्री ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक ही टिकट रद्द कर रिफंड का लाभ ले सकेंगे। पहले यह समय सीमा 4 घंटे थी, जिसमें 50 प्रतिशत तक रिफंड मिलता था।
वहीं, ट्रेन के प्रस्थान से 24 से 8 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर अब भी 50 प्रतिशत राशि ही वापस मिलेगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने मंगलवार को इन नए नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि यह बदलाव दलालों और एजेंटों द्वारा टिकटों की जमाखोरी को रोकने के उद्देश्य से किया गया है।

8 घंटे पहले कैंसिल करने पर ही रिफंड
उन्होंने बताया कि अक्सर एजेंट अतिरिक्त टिकट बुक कर लेते थे और यदि ग्राहक नहीं मिलता था तो ट्रेन छूटने से ठीक पहले टिकट कैंसिल कर रिफंड ले लेते थे। नए नियम इस प्रवृत्ति पर रोक लगाने में मदद करेंगे और आम यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
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इसके साथ ही रेलवे ने यात्रियों को एक और बड़ी सुविधा दी है। अब यात्री ट्रेन के निर्धारित समय से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। पहले यह सुविधा केवल चार्ट बनने से पहले तक ही सीमित थी। यह बदलाव खासतौर पर उन शहरों के यात्रियों के लिए फायदेमंद होगा, जहां एक से अधिक रेलवे स्टेशन हैं।
नए नियम 1 से लागू
यात्री अपनी सुविधा के अनुसार नजदीकी स्टेशन से ट्रेन पकड़ सकेंगे। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ विशेष परिस्थितियों में पुराने रिफंड नियम लागू रहेंगे। यदि ट्रेन पूरी तरह रद्द हो जाती है या 3 घंटे से अधिक देरी से चलती है, तो यात्री टीडीआर (टिकट डिपॉजिट रसीद) फाइल कर पूरा रिफंड प्राप्त कर सकते हैं।
इसके अलावा, यदि चार्ट बनने के बाद भी टिकट वेटिंग में रहता है, तो वह स्वतः रद्द होकर पूरा पैसा वापस कर दिया जाएगा। रेलवे के ये नए नियम 1 से 15 अप्रैल 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे।







