Punjab News: अकालियों ने पंजाब को लूटने की आदत नहीं छोड़ी; रैली में बिजली चोरी करते पकड़े गए अकाली नेता: मुख्यमंत्री मान

Daily Samvad
15 Min Read
CM Mann say Akalis have not given up their habit of looting Punjab
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

डेली संवाद, पटियाला। Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा कि सार्वजनिक रैली में बिजली चोरी करते पकड़े गए अकाली नेताओं ने पंजाब को लूटने की अपनी आदत अभी तक नहीं छोड़ी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सत्ता से बाहर होकर भी वे ऐसे घटिया कार्य कर रहे हैं, तो सत्ता में आकर वे पंजाब को जो नुकसान पहुंचाएंगे, उसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता, जो गंभीर संदेह पैदा करता है।

अकालियों को आदतन अपराधी बताते हुए, जिन्होंने पहले रेत और बसें लूटीं और अब बिजली चोरी तक पहुंच गए हैं, उन्होंने कहा कि ऐसा घटिया व्यवहार सरकारी संसाधनों का शोषण करने की उनकी दृढ़ मानसिकता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने इसके आधार पर लोगों से शिरोमणि अकाली दल के नेताओं का सामाजिक बहिष्कार करने का आह्वान किया और कहा कि बेअदबी और लोगों पर अत्याचार करने के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

आम आदमी की मानसिकता को ठेस पहुंचाई

पटियाला में सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Bhagwant Mann) ने कहा कि इन लोगों ने अपने शासनकाल के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की इजाजत देकर हर आम आदमी की मानसिकता को ठेस पहुंचाई है। इन गद्दारों को कभी माफ नहीं किया जा सकता क्योंकि ये श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के लिए जिम्मेदार हैं और इनके हाथ मासूम लोगों के खून से रंगे हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि अकाली दल का समर्थन देने का मतलब है श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी, मासूम प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी और आम आदमी पर अत्याचारों का दौर वापस लाने के लिए अपनी सहमति देना है।

यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा

ऐसे नेताओं के खिलाफ सख्त सार्वजनिक कार्रवाई का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जिन लोगों ने प्रांत की कई पीढ़ियों को बर्बाद किया है और जो श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें किसी भी तरह से माफी नहीं दी जानी चाहिए और उन्हें सबक सिखाया जाना चाहिए। इन नेताओं का सामाजिक बहिष्कार करना समय की आवश्यकता है ताकि वे प्रांत और उसके लोगों को और नुकसान न पहुंचा सकें। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थी हितों के लिए ऐसे नेताओं के घटिया कार्यों से अच्छी तरह वाकिफ होने के बावजूद उनके पक्ष में नारेबाजी कर रहे हैं, जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।

पंजाब को किससे बचाने की कोशिश कर रहे

अकाली नेतृत्व के राजनीतिक कार्यप्रणाली को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि ये लोग अपने स्वार्थों के लिए हमेशा राजनीति और धर्म को मिलाकर चले हैं, जिन्होंने सदा श्री अकाल तख्त साहिब जैसे सर्वोच्च अथॅरिटी का अपमान किया है। इस संबंध में उदाहरण देते हुए उन्होंने आगे कहा कि जथेदार अकाली नेतृत्व की मर्जी और इच्छा के अनुसार लगाए और हटाए जाते हैं, जो जथेदार के पद का बड़ा अपमान है।

अकाली दल की तथाकथित ‘पंजाब बचाओ यात्रा‘ पर तंज कसते हुए उन्होंने टिप्पणी की कि तथाकथित पंजाब बचाओ यात्रा वास्तव में एक ‘परिवार बचाओ यात्रा‘ है। उन्होंने कहा कि 15 साल प्रांत को लूटने के बाद अकालियों को बताना चाहिए कि वे पंजाब को किससे बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

अकालियों ने प्रांत को बेरहमी से लूटा

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकालियों ने प्रांत को बेरहमी से लूटा, पंजाबियों की मानसिकता को भावनात्मक रूप से ठेस पहुंचाई और प्रांत में विभिन्न माफियाओं को संरक्षण दिया। अकाली नेतृत्व को कभी माफ नहीं किया जा सकता क्योंकि वे प्रांत की कई पीढ़ियों के नरसंहार के लिए जिम्मेदार हैं, जिन्होंने नशे के कारोबार को संरक्षण दिया और उनके लंबे कुशासन के दौरान ही यह फला-फूला।

सुखबीर सिंह बादल का हवाला देते हुए उन्होंने आगे कहा कि सुखबीर सिंह बादल लोगों की आवाज बुलंद करने वाले ‘आप‘ कार्यकर्ताओं को अक्सर बदनाम करते रहते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये लोग आम आदमी के लिए आने वाले फंडों का पैसा हड़पकर अमीर बने हैं और इन्होंने बड़ी संपत्ति इकट्ठा कर ली है। पूर्व उप मुख्यमंत्री भूल गए हैं कि उनके लंबे कुशासन के दौरान, जब माफिया राज चलता था, प्रांत की दुर्दशा हुई। उन्होंने आगे कहा कि स्वर्गीय नेता प्रकाश सिंह बादल ने भी सुखबीर को कभी राज्य का मुखिया नहीं बनाया क्योंकि वे जानते थे कि पूर्व उप मुख्यमंत्री प्रांत को बर्बादी की ओर ले जाएगा।

Bhagwant Mann CM Punjab
Bhagwant Mann CM Punjab

अकाली नेता लोगों से एक मौका मांग रहे

विपक्षी दल की बातों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि शिक्षा और कल्याण योजनाओं के बारे में बात करने के बजाय, सुखबीर भैंसों के बारे में बात कर रहे हैं, जो उनकी संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है, क्योंकि वे नहीं चाहते कि प्रांत के युवा अधिकारी बनें। उन्होंने आगे कहा कि अकाली नेता लोगों से एक मौका मांग रहे हैं, लेकिन शायद वे भूल गए हैं कि उन्हें पांच बार मौका दिया गया था। लोगों की सेवा करने के बजाय, उन्होंने जनता और प्रांत को लूटा, जिसके कारण लोगों ने उन्हें सत्ता से बाहर का दरवाजा दिखा दिया।

हाल ही में हुई एक घटना का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘श्री मुक्तसर साहिब में एक समारोह में अकाली नेतृत्व को बिजली चोरी करते पकड़ा गया था और राज्य सरकार उनके खिलाफ मामला दर्ज करेगी। उन्होंने सवाल पूछा कि ऐसे लोगों से भलाई की क्या उम्मीद की जा सकती है जो बिजली चोरी जैसे छोटे-मोटे अपराधों में शामिल हैं।‘‘ उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए कठोर प्रयास कर रही है।

अवैध तरीकों से पैसा कमाया

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, ‘‘सुखबीर सिंह बादल एक कॉन्वेंट स्कूल में पढ़े ऐसे राजनेता हैं जो पंजाब की भौगोलिक स्थिति से भी अपरिचित हैं, लेकिन वे राज्य में राजनीतिक सत्ता हासिल करना चाहते हैं। इन नेताओं ने सत्ता में रहते हुए राज्य को बेरहमी से लूटा और अवैध तरीकों से पैसा कमाया। वे किसी भी रहम के हकदार नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने अपने निजी राजनीतिक हितों को पूरा करने के लिए राज्य के विकास पर कोई ध्यान नहीं दिया।‘‘ उन्होंने आगे कहा, ‘‘ऐसे राजनीतिक नेता लोगों को पैसा देने के बजाय उनसे अवैध तरीकों से वसूली करते हैं।

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने बाढ़ के दौरान गुलकों से पैसे बांटे।‘‘ उन्होंने आगे टिप्पणी की, ‘‘पूर्व उपमुख्यमंत्री राज्य के इतिहास, भूगोल और संस्कृति से बिल्कुल अनभिज्ञ हैं और वे फसलों के बीच अंतर भी नहीं कर सकते।‘‘ पारंपरिक राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘आजादी के बाद कांग्रेस और अकाली दल की सरकारों ने राज्य को पूरी तरह बर्बाद कर दिया, जिससे पंजाब विकास में पिछड़ गया। उन्होंने राज्य को आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक रूप से नुकसान पहुंचाया, लेकिन हमारी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के कारण पंजाब अब विकास की सही राह पर है।‘‘

‘आप‘ सरकार को चुना

पिछली नीतियों के सामाजिक प्रभाव को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘इन नेताओं की गलत नीतियों के कारण युवा नशे के आदी हो गए और रोजगार के बेहतर अवसरों की तलाश में देश छोड़कर चले गए। ये पार्टियाँ सिर्फ राज्य की दौलत लूटने के लिए सत्ता में अपनी बारी का इंतजार करती हैं। उन्होंने कभी लोगों की भलाई के बारे में नहीं सोचा और सिर्फ सत्ता की लालसा पूरी करने की कोशिश में लगे रहे।‘‘

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘हमारे मंच से हम शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, कृषि और अन्य क्षेत्रों के बारे में बात करते हैं, जबकि दूसरी पार्टियाँ सिर्फ सत्ता हथियाने पर ध्यान केंद्रित करती हैं। ये अवसरवादी नेता हैरान हैं क्योंकि लोग उनका समर्थन नहीं कर रहे हैं, क्योंकि इन नेताओं का एजेंडा जनता की भलाई के बजाय सिर्फ अपने परिवारों तक सीमित है।‘‘ उन्होंने आगे कहा कि लोगों ने पिछली सरकारों की अक्षमता और कुशासन के कारण ‘आप‘ सरकार को चुना था।

आम लोगों की भलाई का एजेंडा तैयार किया

विपक्षी दलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘ये पारंपरिक पार्टियाँ कभी भी पंजाब और उसके लोगों के प्रति वफादार नहीं रहीं। वे ईर्ष्या करते हैं क्योंकि ‘आप‘ ने आम लोगों की भलाई का एजेंडा तैयार किया है।‘‘ उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व की रैलियों में कार्यकर्ताओं की तुलना में मंच पर अधिक नेता दिखाई देते हैं और उनके पास पंजाब के लिए दूरदर्शी दृष्टि का अभाव है।

दीर्घकालिक समाधानों पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘गरीबी या सामाजिक बुराई को किसी भी मुफ्त सुविधा या रियायत से समाप्त नहीं किया जा सकता; शिक्षा लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाकर उन्हें इस चक्र से बाहर निकालने में सहायक होती है।‘‘ उन्होंने आगे कहा, ‘‘शिक्षा वह रोशनी है जो अंधेरे को दूर करती है और इसीलिए सरकार सरकारी स्कूलों को बदलने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिससे छात्रों के प्रदर्शन में सुधार हो रहा है।‘‘

65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी

बिजली और कृषि के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘राज्य के इतिहास में पहली बार, धान के सीजन के दौरान खेतों के ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति की गई और किसानों को अब दिन के समय भी बिजली मिल रही है, जिससे उनके जीवन में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिल रहे हैं।‘‘ उन्होंने दोहराया कि जनता का एक-एक पैसा उन्हीं की भलाई के लिए समझदारी से उपयोग किया जा रहा है।

निवेश और स्वास्थ्य सेवा पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘निवेश कानून व्यवस्था का सबसे अच्छा मापदंड है और टाटा स्टील द्वारा पंजाब में अपना दूसरा सबसे बड़ा प्लांट स्थापित करना राज्य में उनके विश्वास को दर्शाता है।‘‘ उन्होंने आगे कहा, ‘‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जिससे वे 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज के हकदार हैं, जिसमें 30 लाख से अधिक लाभार्थी पहले ही शामिल हैं।‘‘

1.65 लाख लोग पहले ही मुफ्त इलाज प्राप्त कर चुके

उन्होंने आगे कहा, ‘‘इस योजना के तहत लगभग 1.65 लाख लोग पहले ही मुफ्त इलाज प्राप्त कर चुके हैं और लोगों को इन कार्डों का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए। कर से एकत्र किया गया पैसा लोगों का है, जिसे राज्य के विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से उनकी भलाई पर खर्च किया जा रहा है।‘‘ उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली प्रदान की है, बिना भ्रष्टाचार के पारदर्शी तरीके से 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां पैदा की हैं, सड़कों में सुधार किया है, टोल प्लाजा बंद करके प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत की है और बुनियादी ढांचे को और मजबूत किया जा रहा है।

समाज कल्याण के उपायों के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘मांवां धियां सतिकार योजना के तहत हर महिला के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर के माध्यम से प्रति माह 1,000 रुपये और अनुसूचित जातियों की महिलाओं को 1,500 रुपये प्राप्त होंगे। पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाएं भी इस लाभ की पात्र होंगी।‘‘ उन्होंने आगे कहा, ‘‘पंजाब में लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ होने की उम्मीद है और इस उद्देश्य के लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।‘‘

ये रहे उपस्थित

आलोचकों को जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘जो लोग इस योजना का मजाक उड़ाते हैं या निराधार सवाल उठाते हैं, वे एक आम व्यक्ति के लिए 1,000 रुपये के मूल्य को नहीं समझते। जो लोग अवैध तरीकों से कमाए पैसे से हर बार के भोजन पर 5,000 रुपये से अधिक खर्च करते हैं, वे इस सहायता की कद्र नहीं कर सकते, जबकि यह राशि उन संघर्षरत परिवारों के लिए बहुत जरूरी है, जो त्योहारों के दौरान भी अपना गुजर-बसर बहुत मुश्किल से चलाते हैं।‘‘ उन्होंने आगे कहा कि ऐसे अमीर नेता आम परिवारों की वास्तविकताओं से कोसों दूर हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा, लाल चंद कटारूचक्क, हरभजन सिंह ई.टी.ओ., बरिंदर गोयल, तरुनप्रीत सिंह सौंद, हरदीप सिंह मुंडियां के अलावा महाराजा भूपिंदर सिंह पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. पुष्पिंदर सिंह गिल भी उपस्थित थे।

















Share This Article
Follow:
मानसी जायसवाल, डेली संवाद ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। वे लोकल खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। वह 5 सालों से अधिक समय से Daily Samvad (Digital) में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत डेली संवाद से की। उन्होंने पंजाब के जालंधर के खालसा कालेज से एमए की डिग्री हासिल की है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *