Jalandhar News: जालंधर के SHO और ASI समेत मुलाजिमों पर गिरी गज

जालंधर में पुलिस के ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत की गई एक कार्रवाई अब विवादों में घिर गई है। सामने आए CCTV फुटेज ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Daily Samvad
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Jalandhar Police Lahnn Raid Controversy
Highlights
  • ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ पर सवाल
  • प्राइवेट गाड़ी से ‘सबूत’ लाकर घर में रखा, CCTV में दिखी संदिग्ध रेड
  • SHO-ASI और लेडी कॉन्स्टेबल लाइनहाजिर
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डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर (Jalandhar) में पुलिस के ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत की गई एक कार्रवाई अब विवादों में घिर गई है। सामने आए CCTV फुटेज ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि पुलिस टीम ने पहले खुद एक नीला ड्रम गाड़ी से निकालकर आरोपी के घर में रखा और बाद में उसी को बरामदगी दिखाते हुए केस दर्ज कर दिया।

यह मामला शाहकोट थाना क्षेत्र का है, जहां 9 अप्रैल को FIR नंबर 90 दर्ज की गई थी। पुलिस ने दावा किया था कि उन्होंने अकरम नाम के युवक के घर से 35 लीटर लाहन (देसी शराब बनाने का कच्चा माल) बरामद किया है। FIR में कहा गया कि यह लाहन घर के तूड़ी वाले कमरे में एक नीले ड्रम में रखा हुआ मिला।

Jalandhar Police Lahnn Raid Controversy
Jalandhar Police Lahnn Raid Controversy

CCTV में पुलिस की करतूत कैद

हालांकि, अब सामने आए CCTV फुटेज में कुछ और ही कहानी दिखाई दे रही है। फुटेज में देखा जा सकता है कि एक सफेद रंग की XUV गाड़ी आरोपी के घर के बाहर आकर रुकती है। गाड़ी से तीन लोग उतरते हैं और कुछ देर इधर-उधर घूमने के बाद गाड़ी की डिक्की खोलते हैं। इसके बाद वे एक नीला ड्रम निकालते हैं और उसे घर के अंदर ले जाते हुए दिखाई देते हैं। कुछ देर बाद दूसरी दिशा से पुलिस (Police) की टीम मौके पर पहुंचती है और उसी घर में रेड करती है।

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रेड के दौरान कुल 7 पुलिसकर्मी कैमरे में कैद हुए हैं, जिनमें 4 वर्दी में और 3 सिविल ड्रेस में थे। पुलिस ने बरामदगी की वीडियोग्राफी भी करवाई और ड्रम को सील कर अपने साथ ले गई। सूत्रों के अनुसार, जिस समय यह रेड हुई, उस वक्त घर के अंदर कोई मौजूद नहीं था। CCTV में यह भी देखा गया कि घर का गेट पहले से खुला था और पुलिस बिना दस्तक दिए सीधे अंदर चली गई। इस पहलू ने भी पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया है।

अधिकारियों को लाइन हाजिर किया

घटना के दो दिन बाद भी आरोपी अकरम अपने घर नहीं लौटा। जब उसके परिवार से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। गांव वालों के मुताबिक, अकरम एक मजदूर है और साथ ही राजनीतिक गतिविधियों से भी जुड़ा हुआ है। उस पर पहले से दो मामले दर्ज बताए जा रहे हैं—एक मारपीट का और दूसरा धार्मिक भावनाओं से जुड़ा। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को लाइन हाजिर कर दिया है।

इनमें SHO वलविंदर सिंह, ASI सुखविंदर सिंह और लेडी कांस्टेबल हैवनप्रीत कौर शामिल हैं। इस मामले पर हरविंदर सिंह विर्क ने पुष्टि की कि प्रारंभिक जांच के आधार पर कार्रवाई की गई है। वहीं, नवीन सिंगला ने कहा कि उन्हें इस घटना की पहले कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि जांच में CCTV फुटेज सही पाया गया, तो दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला पुलिस की साख और पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है, और जांच के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है।

















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मानसी जायसवाल, डेली संवाद ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। वे लोकल खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। वह 5 सालों से अधिक समय से Daily Samvad (Digital) में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत डेली संवाद से की। उन्होंने पंजाब के जालंधर के खालसा कालेज से एमए की डिग्री हासिल की है।
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