नवजोत सिद्धू का स्‍टफ्ड काला तीतर बना सरकारी संपत्ति, जाने वजह

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Punjab Government
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⏱️ 4 मिनट पढ़ने का समय|📝 457 शब्द|📅 25 Dec 2018

डेली संवाद, चंडीगढ़
पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू का स्‍टफ्ड काला तीतर अब राज्‍य सरकार की संपत्ति हो गया है। यह तीतर सिद्धू पाकिस्‍तान से लेकर आए थे और पंजाब के मुख्‍यमंत्री अमरिंदर सिंह को गिफ्ट दिया था। इससे पहले इस तीतर को लेकर विवाद हो गया था। पंजाब के वन्‍य जीव विभाग ने भी कहा था कि तीतर को किसी व्‍यक्ति द्वारा नहीं रखा जा सकता है।

अपनी हालिया पाकिस्तान यात्रा के दौरान सिद्धू यह तीतर लेकर आए थे और मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को तोहफे के रूप दे दिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उस स्टफ्ड काले तीतर को पंजाब वन्य जीव विभाग के पास भेजा था, ताकि यह पुष्टि हो सके कि क्या वह इसे रख सकते हैं या नहीं। बता दें कि यह पक्षी भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची 4 के तहत संरक्षित है।

‘कस्टम विभाग से मंजूरी जरूरी’

सीएम को भेजे जवाब में विभाग ने कहा कि इस तीतर का इस्‍तेमाल केवल ‘एजुकेशनल परपस’ से किया जा सकता है। इससे पहले वर्ष 2005 तक सरकार इस तरह के जीवों की ट्रॉफी को रखने के लिए प्रमाणपत्र जारी करती थी लेकिन वर्ष 2005 से उसने ऐसा करना बंद कर दिया है। गौरतलब है कि पाकिस्तान यात्रा के दौरान एक पत्रकार ने सिद्धू को स्टफ्ड काला तीतर उपहार के रूप दिया था।

अब यह बात सामने आ रही है कि करतरपुर गलियारे के ग्राउंड ब्रेकिंग सेरिमनी में भाग लेने के बाद लौटने के दौरान सिद्धू ने अटारी सीमा पर इसके बारे में कस्टम अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं दी थी। अटारी के एक सूत्र ने बताया, ‘यह एक जीवित प्राणी नहीं था, इसलिए इसे लेकर आने से रोकने जैसी कोई बात नहीं थी। हालांकि, इसके लिए कस्टम विभाग से मंजूरी ली जानी चाहिए थी।’

सिद्धू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की मांग

कस्टम कमिश्नर दीपक कुमार गुप्ता ने बताया, ‘हम इस मामले की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद ही इस मामले पर कोई टिप्पणी की जा सकता है।’ वहीं वन्यजीव कार्यकर्ता संदीप जैन ने बताया कि वन्यजीव अधिनियम की अनुसूची 4 के तहत संरक्षित स्टफ्ड पशु या पक्षी आयात करने के लिए, सीमा शुल्क विभाग और वन्यजीव विभागों से अनुमति लेने की आवश्यकता होती है। साथ ही इस लेकर आने के लिए एक ट्रांजिट परमिट आवश्यक होती है।

इस मामले में वन्यजीव कार्यकर्ता नरेश कादियान और संदीप जैन ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन करने के लिए सिद्धू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की मांग की है। कादियान ने कहा, ‘सिद्धू ने सीमा शुल्क अधिनियम का उल्लंघन करके गैरकानूनी, अवैध और बिना बताए एक जंगली पक्षी की ट्रॉफी लेकर आने का अपराध किया है।’

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