जालंधर में सोढल मंदिर में दीवार के निर्माण पर उठा विवाद, तलवारें लहराईं, हंगामा

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⏱️ 5 मिनट पढ़ने का समय|📝 580 शब्द|📅 24 Aug 2019

डेली संवाद, जालंधर
श्री सिद्ध बाबा सोढल मंदिर में दीवार बनाए जाने के बाद मंदिर प्रबंधक कमेटी और सोढल गुरुद्वारा के प्रबंधकों के बीच विवाद खड़ा हो गया। इस दौरान दोनों गुटों की तरफ से तलवारें लहराई गई और नारेबाजी की गई। पुलिस ने मौके पर आकर दोनों गुटों को अलग-अलग किया। इस दौरान सिखों ने चेतावनी दी कि अगर मामला नहीं सुलझा तो वे मेला नहीं होने देंगे। देर शाम तक माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था।

जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले बरसात के कारण श्री सिद्ध बाबा सोढल मंदिर की दीवार गिर गई थी। मेला नजदीक होने के चलते शुक्रवार को ट्रस्ट की ओर से दीवार बनानी शुरू कर दी गई। दीवार बनती देख सिखों ने गुरुद्वारे के पास एक और दीवार बनानी शुरू कर दी। मेले में उक्त दीवार से दिक्कत आनी थी तो मंदिर प्रबंधकों ने गुरुद्वारा प्रबंधकों से बात करके दीवार का निर्माण रुकवा दिया।

गालीगलौज हुई और दोनों पक्षों ने तलवारें निकाल ली

इसके बाद कुछ सिख युवकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। माहौल बिगड़ता देख मंदिर प्रबंधक कमेटी ने चेयरमैन शीतल विज को मौके पर बुलाया। विज ने प्रदर्शन कर रहे सिख युवकों से बात की तो उन्होंने विज के साथ भी बदतमीजी की। इसके बाद मामला और गर्मा गया। दोनों तरफ से गालीगलौज हुई और दोनों पक्षों ने तलवारें निकाल ली। सूचना पाकर मौके पर एडीसीपी सुडरविजी, एसीपी नार्थ, थाना-8 और थाना-3 के एसएचओ समेत बड़ी संख्या में पुलिस मुलाजिम पहुंचे और दोनों गुटों को काबू किया।

इसके बाद भड़के हिंदू संगठन पुलिस कमिश्नर के पास पहुंच गए, जबकि एसजीपीसी सदस्य एवं जिला अकाली दल प्रधान कुलवंत सिंह मन्नण गुरुद्वारा साहिब में समर्थकों के साथ डट गए। इस दौरान सिखों ने चेतावनी दी कि अगर मामला नहीं सुलझा तो वे मेला नहीं होने देंगे।

इस बात से हिंदू संगठनों में भी रोष व्याप्त है। मंदिर और गुरुद्वारा कमेटी का विवाद कई दशक पुराना है। हिन्दू संगठनों का दावा है कि अदालत में चला केस मंदिर प्रबंधक कमेटी की फेवर में आया था।

सोढल मंदिर और तालाब के रास्ते में बनाई जा रही थी दीवार

जानकारी के अनुसार एक ही जगह पर बाबा सोढल का मंदिर, गुरुद्वारा साहिब और तालाब बना हुआ है। पहले बाबा सोढल का मंदिर आता है और उसके पीछे गुरुद्वारा साहिब और नीचे तालाब बना हुआ है। मंदिर में दाखिल होते ही पहले बाबा सोढल जी की प्रतिमा आती है, जिसके दर्शन करने के बाद नीचे तालाब में जाने के लिए गुरुद्वारा साहिब के पास से गुजरना पड़ता है। उसी रास्ते में सिखों द्वारा दीवार बनाई जा रही थी, जिसका मंदिर कमेटी ने विरोध किया। क्योंकि दीवार बनाए जाने के बाद मेले वाले दिन श्रद्धालुओं को नीचे तालाब में जाने में परेशानी होनी थी।

वहीं सिख युवकों का आरोप है कि मंदिर कमेटी के चेयरमैन शीतल विज गुरुद्वारे में बिना सिर पर रुमाल बांधे पहुंचे थे। उनकी धार्मिक मर्यादा भंग की इसलिए विरोध किया गया। वहीं मंदिर कमेटी का कहना है कि विज गुरुद्वारा साहिब के अंदर गए ही नहीं थे।

हिंदू समाज के सभी लोग गुरुद्वारा परिसर से बाहर खड़े थे। देर शाम हिंदू संगठन और सिख समुदाय के लोग धरने पर बैठे थे। सिखों ने गुरुद्वारा साहिब के बाहर और हिंदुओं ने मंदिर के बाहर धरना लगाया हुआ था। सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर परिसर में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।

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