हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीज हो जाएं सावधान, कम उम्र में बढ़ रहा इसका खतरा

Daily Samvad
4 Min Read
Punjab Government
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

नई दिल्ली। हृदयाघात, हार्ट फेल, स्ट्रोक और कई अन्य जानलेवा बीमारियों के लिए जिम्मेदार उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) भारत में तेजी से पैर पसार रहा है। भारतीय शोधकर्ताओं के एक नए अध्ययन में यह दावा किया गया है। पूरे देश के 18 वर्ष से अधिक उम्र के 1.80 लाख से अधिक मरीजों के रक्तचाप आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद शोधकर्ता इस नतीजे पर पहुंचे हैं।

विभिन्न आयु वर्ग के लोग उच्च रक्तचाप का शिकार हो रहे हैं, लेकिन कम उम्र के युवा भी बढ़ते रक्तचाप से अछूते नहीं हैं। अध्ययन में 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के 30 फीसद से ज्यादा लोग उच्च रक्तचाप से ग्रस्त पाए गए हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि 18 से 19 वर्ष के युवाओं में से सिर्फ 45 फीसद युवाओं का रक्तचाप सामान्य पाया गया है। 20 से 44 वर्ष के लोगों में उच्च रक्तचाप के मामले सबसे अधिक दर्ज किए गए हैं। महिलाओं और पुरुषों में रक्तचाप के मामले बढ़ती उम्र के साथ बढ़ रहे हैं।

मरीजों के रक्तचाप संबंधी आंकड़े

कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा वर्ष 2015 में देश के 24 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ लगाए गए रक्तचाप शिविरों से प्राप्त किए गए हैं। इन शिविरों में 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों के रक्तचाप नमूने प्राप्त किए गए हैं, जहां स्वचालित ऑसिलोमेट्रिक मशीनों का उपयोग करके रक्तचाप मापा गया था।

नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), केरल के त्रिस्सूर स्थित मदर हॉस्पिटल के गीवर जैकेरिया और नई दिल्ली के फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हेल्थ इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया यह अध्ययन शोध पत्रिका इंडियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

समय रहते प्रबंधन से कम हो सकता है खतरा

एम्स, नई दिल्ली के शोधकर्ता डॉ. एस. रामाकृष्णा ने बताया कि भारत में उच्च रक्तचाप की व्यापकता के बारे में अभी समझ सीमित है। उच्च रक्तचाप हृदय रोगों के अलावा कई अन्य बीमारियों से जुड़ा प्रमुख जोखिम माना जाता है। इन बीमारियों से लड़ने के लिए बजट का बड़ा हिस्सा खर्च करना पड़ता है। रक्तचाप जैसी बीमारी पैदा करने वाले कारकों का प्रबंधन समय रहते हो जाए तो स्वास्थ्य खतरों को कम करने के साथ-साथ इसके आर्थिक एवं सामाजिक दुष्परिणामों से भी बचा जा सकता है।

जागरूकता की है जरूरत

स्वास्थ्य से जुड़ी इस उभरती चुनौती को देखते हुए शोधकर्ताओं का कहना है कि रक्तचाप की जांच नियमित नैदानिक देखभाल में शामिल होनी चाहिए। युवाओं को जागरूक करने की जरूरत है कि कम उम्र में भी वे उच्च रक्तचाप का शिकार हो सकते हैं। इससे बचाव के लिए नियमित व्यायाम और संतुलित वजन के साथ-साथ नमक का कम से कम उपयोग किया जाना जरूरी है। यदि दो महीने तक लोग लगातार व्यायाम करें और भोजन में नमक का ध्यान रखें तो इसके सकारात्मक परिमाम देखने को मिलेंगे।

WhatsApp पर न्यूज़ Updates पाने  के लिए हमारे नंबर 8847567663 को अपने Mobile में Save करके इस नंबर पर Missed Call करें। हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।



















Share This Article
Follow:
Daily Samvad एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जहां हम देश-दुनिया, राजनीतिक विश्लेषण, प्रदेश, शिक्षा, बिज़नेस, मनोरंजन, खेल, स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र की ख़बरें सरल भाषा में आप तक पहुंचाते हैं। हमारा उद्देश्य है—जनता की आवाज़ बनकर निष्पक्ष पत्रकारिता को आगे बढ़ाना। डेली संवाद ऑनलाइन के महाबीर जायसवाल फाउंडर चीफ एडिटर हैं। वे राजनीति, अपराध, देश-दुनिया की खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीति की खबरों से की, जबकि उनके पास, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग से लेकर एडिटर तक 25 साल से अधिक पत्रकारिता का अनुभव है। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र शेखावत के Media Consultant भी रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद की यूनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन, बीए और एमए की डिग्री हासिल की है। संपर्क नंबर: +91-98881-90945 ईमेल: mmmmediahouse@gmail.com
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *