लॉकडाउन में फंसे प्रवासियों के लिए चलेंगी स्पेशल ट्रेनें, पढ़ें किसे मिलेगी अनुमति, जानें- यात्रा के नियम

Daily Samvad
4 Min Read
Punjab Government
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की महामारी से लागू देशव्यापी लाकडाउन में डेढ़ महीने से विभिन्न राज्यों मे फंसे प्रवासी मज़दूरों, छात्रों, पर्यटकों को निकालने के लिए रेलवे ने शुक्रवार को स्पेशल ट्रेनों को हरी झंडी दिखा दी। पहली ट्रेन शुक्रवार को सुबह हैदराबाद से झारखंड के हटिया स्टेशन के लिए चली। उसके बाद अन्य गंतव्यों के लिए अतिरिक्त पांच ट्रेनें चलीं। जिन राज्यों के लिए ट्रेनें छूटी हैं उन्हें झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उड़ीसा प्रमुख है।

[ads2]

दो दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से सड़क मार्ग से प्रवासियों को जाने की अनुमति देने के बावजूद राज्यों की ओर से खुशी नहीं जताई गई थी। बिहार, पंजाब, महाराष्ट्र जैसे राज्यों की ओर से मांग हो रही थी कि लंबी दूरी को देखते हुए विशेष ट्रेनें चलाई जाएं। पिछले दिनों में इसे लेकर राजनीति भी शुरू हो गई थी।

गृह मंत्रालय ने लिया फैसला

इसके बाद गृह मंत्रालय के जारी संशोधित दिशानिर्देशों के तहत भारतीय रेलवे ने शुक्रवार को ऐसे प्रवासी कामगारों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य व्यक्तियों को स्थानांतरित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस के मौके पर ‘श्रमिक विशेष ट्रेनें’ शुरू करने का निर्णय लिया है, जो लॉकडाउन होने के कारण विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं। रेलवे के अनुसार ये विशेष ट्रेने राज्य सरकारों के अनुरोध पर तय किये गये स्थान से दूसरे स्थान तक जाएगी।

केवल स्वस्थ व्यक्ति को मिलेगी यात्रा की अनुमति

रेलवे और राज्य सरकारें इन विशेष ट्रेनों के समन्वय और सुचारू संचालन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगी। इन ट्रेनों में सवार होने से पहले आवागमन करने वाले यात्रियों की राज्यों द्वारा जांच करना जरुरी होगा। केवल स्वस्थ पाए जाने वालों को ही यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी। राज्य सरकारों को ऐसे लोगों के समूह बनाने के बाद ही रेल यात्रा का मौका दिया जाएगा।

यात्रा के दौरान इन नियमों का करना होगा पालन

यह भी शर्ते तय की गई हैं कि प्रत्येक यात्री को फेस मास्क लगाना अनिवार्य होगा। ऐसे यात्रियों को मूल स्टेशन पर भेजने वाले राज्यों द्वारा भोजन और पीने का पानी उपलब्ध कराया जाएगा। रेलवे लंबे रेल मार्ग की यात्रा के दौरान ही केवल एक भोजन प्रदान करेगा। जबकि गंतव्य पर पहुंचने पर उनके भोजन एवं अन्य सुविधाएं प्रदान करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

[ads1]

छोटे शहर से स्टेशन पर लाने की जिम्मेदारी राज्य की

लेकिन अभी यह तय होना बाकी है कि किसी खास राज्य में अलग अलग स्थानों पर रह रहे प्रवासियों को एक स्थान पर लाने की जिम्मेदारी किसकी होगी। मसलन अहमदाबाद से बिहार के लिए ट्रेन चलेगी तो कच्छ में रह रहे प्रवासियों को अहमदाबाद तक कौन लेकर आएगा। महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब जैसे राज्यों में एक से ज्यादा शहरों में प्रवासियों का डेरा है। छोटे छोटे शहरों में रह रहे लोगों को स्टेशन तक लाने के लिए राज्यों को ही सहमति बनानी होगी। उतनी बड़ी संख्या में बस का इंतजाम करने के लिए राज्य कितने राजी होते हैं यह देखने की बात होगी।

कोरोना से डर रहे हैं तो ये वीडियो जरूर देखें

https://youtu.be/wdZFpYnWsKY

डेली संवाद ई-पेपर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



















Share This Article
Follow:
Daily Samvad एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जहां हम देश-दुनिया, राजनीतिक विश्लेषण, प्रदेश, शिक्षा, बिज़नेस, मनोरंजन, खेल, स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र की ख़बरें सरल भाषा में आप तक पहुंचाते हैं। हमारा उद्देश्य है—जनता की आवाज़ बनकर निष्पक्ष पत्रकारिता को आगे बढ़ाना। डेली संवाद ऑनलाइन के महाबीर जायसवाल फाउंडर चीफ एडिटर हैं। वे राजनीति, अपराध, देश-दुनिया की खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीति की खबरों से की, जबकि उनके पास, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग से लेकर एडिटर तक 25 साल से अधिक पत्रकारिता का अनुभव है। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र शेखावत के Media Consultant भी रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद की यूनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन, बीए और एमए की डिग्री हासिल की है। संपर्क नंबर: +91-98881-90945 ईमेल: mmmmediahouse@gmail.com
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *