पंजाब में बदलेगी आबकारी नीति, श्रम कानून में भी होगा बदलाव, जाने क्या पड़ेगा असर

Daily Samvad
4 Min Read
Punjab Government
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

डेली संवाद, चंडीगढ़
राज्य की अर्थव्यवस्था और उद्योग को फिर से पैरों पर खड़ा करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा कोविड-19 के प्रभाव के मद्देनज़र आबकारी नीति और श्रम कानूनों में बदलाव करने पर विचार किया जा रहा है। आज यहाँ मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में हुई मंत्रीमंडल की मीटिंग के दौरान यह मामले विचार-विमर्श के लिए सामने आए।

[ads2]

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने फिर दोहराया कि सरकारी मुलाजि़मों के लिए भी ‘मुख्यमंत्री कोविड राहत कोष’ में योगदान डालने का फ़ैसला स्वैच्छिक होना चाहिए, जैसे कि यह अन्य वर्गों के लिए है। आबकारी नीति संबंधी मंत्री मंडल ने नीति और इसको लागू करने के लिए कोविड और लॉकडाउन के प्रभावों संबंधी विस्तार में विवरण माँगे हैं।

कामगारों को अपने साथ जोड़ कर रखा जाये

आबकारी विभाग को इस संदर्भ में नीति को जाँचने पर विचार कल फिर हो, इस मुद्दे को मंत्री मंडल की मीटिंग के दौरान पेश करने के लिए कहा, जिससे इस पर और विचार-विमर्श किया जा सके। मौजूदा स्थिति को असाधारण बताते हुए मंत्री मंडल ने महसूस किया कि राज्य के आबकारी उद्योग को फिर पैरों पर खड़ा करने ख़ासकर राज्य के राजस्व के मॉडल को महत्ता देने के लिए सभी संभव संभावनाएं तलाशी जानी चाहिए हैं।

इस पर ज़ोर देते हुए कि औद्योगिक क्षेत्र द्वारा कामगारों को अपने साथ जोड़ कर रखा जाये और कामगारों को पंजाब में रोकने पर ही ध्यान दें, मुख्यमंत्री द्वारा उद्योग मंत्री को निर्देश दिए गए कि कामगारों के कल्याण और देखभाल के लिए हर संभव कदम उठाए जाएं। इसी दौरान मंत्री मंडल द्वारा लॉकडाउन की बंदिशों में मिली छूट के चलते 9500 अन्य ईकाइयों के कार्यशील होने का स्वागत किया गया है।

निगरानी पूरी मुस्तैदी के साथ की जाए

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि यह अपने आप में सकारात्मक पहलू है कि औद्योगिक ईकाइयों द्वारा कामकाज चालू किये जाएँ जिसके स्वरूप अपने जद्दी राज्यों को वापस जाने के लिए रजिस्टर्ड होने वाले कामगारों में से अब तक 35 फीसदी ने पंजाब में ही रुकने का फ़ैसला किया है। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि चालू वित्तीय वर्ष के बजट में एलान किए गए चार औद्योगिक पार्कों के विकास के काम की निगरानी पूरी मुस्तैदी के साथ की जाए।

कैबिनेट ने यह विचार रखा कि कई मुल्क अपने औद्योगिक कामकाज को चीन में से दूसरे मुल्कों में तबदील कर रहे हैं, इसके चलते उद्योग ख़ासकर फार्मास्यूटीकल, पैस्टीसाईड्स ईकाइयों के इधर आने की भरपूर संभावनाएं हैं। इस दौरान मंत्री मंडल द्वारा प्रवासी कामगारों की कमी के चलते धान की बिजाई में स्पष्ट रूप से आने वाली मुश्किलों संबंधी भी सहमति अभिव्यक्त की गई।

कोविड महामारी के चलते अगली कतार में ड्यूटी निभा रही उन महिलाओं जिनके बच्चे (5 साल से कम उम्र के) हैं, के सरोकारों संबंधी मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को कहा कि वह विभिन्न विभागों के साथ इस संबंधी विचार करके ज़रूरी दिशा-निर्देश जारी करें, जिससे ऐसी महिला मुलाजि़मों की सुरक्षा को यकीनी बनाया जा सके।

कोरोना मरीजों के वार्ड में ‘कजरा मोहब्बत वाला’…



















Share This Article
Follow:
Daily Samvad एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जहां हम देश-दुनिया, राजनीतिक विश्लेषण, प्रदेश, शिक्षा, बिज़नेस, मनोरंजन, खेल, स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र की ख़बरें सरल भाषा में आप तक पहुंचाते हैं। हमारा उद्देश्य है—जनता की आवाज़ बनकर निष्पक्ष पत्रकारिता को आगे बढ़ाना। डेली संवाद ऑनलाइन के महाबीर जायसवाल फाउंडर चीफ एडिटर हैं। वे राजनीति, अपराध, देश-दुनिया की खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीति की खबरों से की, जबकि उनके पास, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग से लेकर एडिटर तक 25 साल से अधिक पत्रकारिता का अनुभव है। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र शेखावत के Media Consultant भी रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद की यूनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन, बीए और एमए की डिग्री हासिल की है। संपर्क नंबर: +91-98881-90945 ईमेल: mmmmediahouse@gmail.com
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *