Jalandhar West By-Election Result: कौन हैं मोहिंदर भगत? जिन्हें MLA बनाने लिए पंजाब के CM भगवंत मान ने झोंक रखी थी पूरी ताकत

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डेली संवाद, जालंधर | Jalandhar West By-Election Result : जालंधर वेस्ट विधानसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव की वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू हुई थी। अब तक के नतीजे आ चुके हैं और आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार मोहिंदर भगत ने इस उपचुनाव में बड़ी जीत हासिल की है। उनके जीतने के बाद क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है और समर्थकों ने जमकर जश्न मनाया। मोहिंदर भगत की इस जीत ने आम आदमी पार्टी के लिए एक और सफलता का रास्ता खोल दिया है।

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Jalandhar West By-Election Result : मतगणना की प्रक्रिया और सुरक्षा

Jalandhar West By-Election Result: कौन हैं मोहिंदर भगत? जिन्हें MLA बनाने लिए पंजाब के CM भगवंत मान ने झोंक रखी थी पूरी ताकत
Jalandhar West By-Election Result

जिला चुनाव अधिकारी डॉ. हिमांशु अग्रवाल की अगुवाई में जिला प्रशासन ने मतगणना के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। मतगणना कुल 14 टेबलों पर हो रही थी और यह 13 राउंड में पूरी हुई। हर राउंड के बाद परिणाम की घोषणा की जाती रही, जिससे उम्मीदवारों और जनता को ताजा जानकारी मिलती रही।

Jalandhar West By-Election Result

  1. पहला राउंड: मोहिंदर भगत (AAP) को 3,971 वोट, सुरिंदर कौर (कांग्रेस) को 1,722 वोट और शीतल अंगुराल (भाजपा) को 1,073 वोट मिले।
  2. दूसरा राउंड: मोहिंदर भगत को 9,497 वोट, सुरिंदर कौर को 3,161 वोट और शीतल अंगुराल को 1,854 वोट मिले।
  3. तीसरा राउंड: मोहिंदर भगत को 13,847 वोट, सुरिंदर कौर को 4,938 वोट और शीतल अंगुराल को 2,782 वोट मिले।
  4. चौथा राउंड: मोहिंदर भगत को 18,469 वोट, सुरिंदर कौर को 6,871 वोट और शीतल अंगुराल को 3,638 वोट मिले।
  5. पांचवां राउंड: मोहिंदर भगत को 23,189 वोट, सुरिंदर कौर को 8,001 वोट और शीतल अंगुराल को 4,395 वोट मिले।
  6. छठा राउंड: मोहिंदर भगत को 27,168 वोट, सुरिंदर कौर को 9,204 वोट और शीतल अंगुराल को 6,557 वोट मिले।
  7. सातवां राउंड: मोहिंदर भगत को 30,999 वोट, सुरिंदर कौर को 10,221 वोट और शीतल अंगुराल को 8,860 वोट मिले।
  8. आठवां राउंड: मोहिंदर भगत को 34,709 वोट, सुरिंदर कौर को 11,469 वोट और शीतल अंगुराल को 10,355 वोट मिले।
  9. नवां राउंड: मोहिंदर भगत को 38,568 वोट, सुरिंदर कौर को 12,581 वोट और शीतल अंगुराल को 12,566 वोट मिले।
  10. दसवां राउंड: मोहिंदर भगत को 42,007 वोट, सुरिंदर कौर को 13,727 वोट और शीतल अंगुराल को 14,403 वोट मिले।
  11. ग्यारहवां राउंड: मोहिंदर भगत को 46,064 वोट, सुरिंदर कौर को 14,668 वोट और शीतल अंगुराल को 15,393 वोट मिले।
  12. बारहवां राउंड: मोहिंदर भगत को 50,732 वोट, सुरिंदर कौर को 15,728 वोट और शीतल अंगुराल को 16,614 वोट मिले।
  13. तेरहवां राउंड: मोहिंदर भगत को 55,246 वोट, सुरिंदर कौर को 16,757 वोट और शीतल अंगुराल को 17,921 वोट मिले। सुरजीत कौर (SAD) को 1,242 वोट और बिंदर कुमार (BSP) को 734 वोट मिले।

उपचुनाव क्यों हुआ?

Jalandhar West By-Election Result: कौन हैं मोहिंदर भगत? जिन्हें MLA बनाने लिए पंजाब के CM भगवंत मान ने झोंक रखी थी पूरी ताकत
Jalandhar West By-Election Result

जालंधर वेस्ट के विधायक और आम आदमी पार्टी के नेता शीतल अंगुराल ने लोकसभा चुनाव से पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और भाजपा में शामिल हो गए थे। बाद में उन्होंने इस्तीफा वापस लेने की कोशिश की, लेकिन तब तक विधानसभा स्पीकर ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने 10 जून को उपचुनाव की घोषणा की। इस स्थिति में आम आदमी पार्टी ने मोहिंदर भगत को अपना उम्मीदवार बनाया।

प्रमुख उम्मीदवार

मोहिंदर भगत (AAP) – चुनाव जीते, MLA बने

Jalandhar West By-Election Result: कौन हैं मोहिंदर भगत? जिन्हें MLA बनाने लिए पंजाब के CM भगवंत मान ने झोंक रखी थी पूरी ताकत
Jalandhar West By-Election Result – Mohinder Bhagat

मोहिंदर भगत आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार थे, जो चुनाव जीत कर पहली बार विधायक बने हैं। उन्होंने अपने चुनावी अभियान में जनता के बीच अपनी साफ-सुथरी छवि और जनहितकारी नीतियों को प्रमुखता दी। मोहिंदर भगत ने जनता के बीच अपने संवाद और जमीनी स्तर पर काम करके अपनी पकड़ मजबूत की है।

मोहिंदर भगत आम आदमी पार्टी (AAP) के एक प्रमुख नेता हैं। उन्होंने 1998 में बीजेपी में शामिल होकर अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत की। मोहिंदर भगत ने बीजेपी के उपाध्यक्ष के रूप में 1998 से 2001 तक और फिर से 2017 से 2020 तक कार्य किया।

विरासत में मिली राजनीति

उन्होंने पंजाब राज्य में पार्टी के अलग-अलग मुद्दों पर अपनी कार्यक्षमता दिखाई है और समाज के लिए जरूरी नीतियों की प्रस्तुति की है। उनका जन्म जालंधर (पंजाब) में हुआ था, और उन्होंने अपने युवावस्था में शिक्षा और सामाजिक सेवा में अपना बहुमूल्य समय दिया। उनका नेतृत्व राजनीतिक क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में जरूरी भूमिका निभाता है।

मोहिंदर भगत के पिता चुन्नी लाल भगत भाजपा के सबसे सीनियर नेता रहे हैं। वे पंजाब में कई बार कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं। जिससे मोहिंदर भगत को राजनीति विरासत में मिली है।

सुरिंदर कौर (कांग्रेस) – तीसरे नंबर पर रही

सुरिंदर कौर (कांग्रेस)
Jalandhar West By-Election Result

सुरिंदर कौर कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार थीं। वे नगर निगम की पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर और पांच बार की पार्षद रह चुकी हैं। उन्होंने अपने चुनावी अभियान में जनता के हितों और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी। सुरिंदर कौर ने महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में भी जरूरी योगदान दिया।

सुरिंदर कौर ने पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर और पांच बार की पार्षद के रूप में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने अपने नेतृत्व में जनता के हित में कई जरूरी पहलुओं पर काम किया है और सामाजिक सेवा में अपना योगदान दिया है। सुरिंदर कौर ने महिला उत्थान को बढ़ावा देने के लिए अपने कार्यकाल में कई नई पहलुओं को शुरू किया और समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य, और समृद्धि के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपने चुनावी अभियान में जनता के बीच अपनी सादगी और सेवा भावना को प्रमुखता दी है।

शीतल अंगुराल (भाजपा) – दूसरे नंबर पर रहे

Sheetal-Angural
Jalandhar West By-Election Result

शीतल अंगुराल पहले आम आदमी पार्टी के विधायक थे, लेकिन उन्होंने भाजपा में शामिल होने के लिए इस्तीफा दिया। फिर वे भाजपा के उम्मीदवार बने। शीतल अंगुराल ने अपने चुनावी अभियान में भाजपा की नीतियों और विकास कार्यों को प्रमुखता दी।

शीतल अंगुराल एक पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) की विधायक हैं, जिन्होंने पंजाब की राजनीति में पहचान बनाई है। उन्होंने जालंधर वेस्ट सीट से विधायक बने थे। शीतल अंगुराल ने अपने युवावस्था से ही राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई और समाज में परिवर्तन लाने के लिए कठोर प्रयास किए। शीतल के इस्तीफे के बाद उपचुनाव हुआ।

जालंधर की स्थिति

इस उपचुनाव में पिछले चुनाव की तुलना में 9 प्रतिशत कम मतदान हुआ, जिससे सभी प्रमुख पार्टियां हैरान हैं। यह कमी तब हुई जब सभी पार्टियों ने मतदाताओं को लुभाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। मतदाताओं की इस उदासीनता के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि चुनाव के समय की अनिश्चितता, उम्मीदवारों के प्रति जनता की निराशा, या फिर कोरोना महामारी का प्रभाव।

विधायक का कार्यकाल

विजेता उम्मीदवार केवल अढ़ाई साल के लिए विधायक बनेगा। उसे 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों में फिर से चुनाव लड़ना पड़ेगा। पंजाब के 2022 के विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने 92 सीटों पर जीत हासिल की थी।

अब नए विधायक को सिर्फ 30 महीने का समय मिलेगा ताकि वे हलके के विकास और लोगों का विश्वास जीत सकें। इस अवधि में विधायक को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, जैसे कि क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं का विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का सुधार, और जनता की समस्याओं का समाधान।

















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