भारतीयों को ट्रंप ने फिर दिया बड़ा झटका, H-1B वीजा पर लिया ये बड़ा फैसला

Daily Samvad
3 Min Read
Punjab Government
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now
⏱️ 3 मिनट पढ़ने का समय|📝 370 शब्द|📅 07 Oct 2020

भारतीयों को ट्रंप ने फिर दिया बड़ा झटका, H-1B वीजा पर लिया ये बड़ा फैसला

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पूर्व डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा को लेकर एक नया आदेश जारी किया है, जिसे भारतीयों (Indians) के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। ट्रंप प्रशासन (Donald Trump Administration) ने दूसरे देशों के कुशल श्रमिकों को दिए जाने वाले वीजा (Visas) की संख्या घटाने का फैसला किया है।

सरकार का कहना है कि यह कदम अमेरिकियों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है, जिन्हें कोरोना महामारी के चलते आर्थिक मोर्चे पर नुकसान उठाना पड़ा है। अधिकारियों के मुताबिक, H-1B नॉन-इमिग्रेंट के कारण 500,000 से अधिक अमेरिकियों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। अमेरिका में 3 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव होने हैं, ऐसे में ट्रंप के इस फैसले को वोटरों को लुभाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

एक तिहाई होंगे वंचित

H-1B वीजा हर साल 85,000 प्रवासियों को दिया जाता है, जिसमें भारतीय और चीन के प्रोफेशनल्स की तादाद सबसे ज्यादा होती है। इसलिए ट्रंप प्रशासन के इस कदम का सबसे ज्यादा प्रभाव इन्हीं दोनों देशों पर पड़ेगा। होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट (DHS) के कार्यवाहक उप सचिव केन क्यूकेनेली ने कहा कि डीएचएस का अनुमान है कि लगभग एक तिहाई एच-1बी आवेदकों को नए नियमों के तहत वीजा से वंचित रखा जाएगा।

रखना होगा खास ध्यान

सरकार के इस कदम के बाद श्रम नियमों के तहत एच-1बी और अन्य पेशेवर वीजा वाले कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोत्तरी की व्यवस्था की जाएगी। अब तक यह आरोप लगते रहे हैं कि H1B वीजा के माध्यम से कंपनियां सस्ते में विदेशियों को हायर कर लेती हैं जिससे अमेरिका में रहने वालों को नौकरी नहीं मिल पाती है। लेकिन अब कंपनियों को स्थानीय लोगों को न केवल प्राथमिकता देनी होगी बल्कि वेतन आदि के मुद्दे पर भी खास ख्याल रखना होगा।

कई प्रतिबंध लगाए गए

होमलैंड सिक्योरटी और श्रम विभाग के मुताबिक, नए नियमों में इस पर कई तरह के प्रतिबंध लगाये गए हैं कि वर्क वीजा किसे दिया जा सकता है। साथ ही विदेशी श्रमिकों को नौकरी पर रखने वाली कंपनियों के लिए वेतन संबंधी कुछ मानक भी तय किये गए हैं। होमलैंड सिक्योरटी का कहना है कि नए नियमों के तहत ‘विशेष व्यवसायों’ की परिभाषा को भी बदला गया है। क्योंकि कंपनियां इसके जरिए सिस्टम का गलत फायदा उठाती थीं।

















Share This Article
Follow:
Daily Samvad एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जहां हम देश-दुनिया, राजनीतिक विश्लेषण, प्रदेश, शिक्षा, बिज़नेस, मनोरंजन, खेल, स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र की ख़बरें सरल भाषा में आप तक पहुंचाते हैं। हमारा उद्देश्य है—जनता की आवाज़ बनकर निष्पक्ष पत्रकारिता को आगे बढ़ाना। डेली संवाद ऑनलाइन के महाबीर जायसवाल फाउंडर चीफ एडिटर हैं। वे राजनीति, अपराध, देश-दुनिया की खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीति की खबरों से की, जबकि उनके पास, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग से लेकर एडिटर तक 25 साल से अधिक पत्रकारिता का अनुभव है। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र शेखावत के Media Consultant भी रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद की यूनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन, बीए और एमए की डिग्री हासिल की है। संपर्क नंबर: +91-98881-90945 ईमेल: mmmmediahouse@gmail.com
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *