पंजाब में अब ढाबा मालिकों और फूड हैंडलरों को हैल्थ फिटनेस सर्टिफिकेट लेना हुआ जरूरी

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⏱️ 4 मिनट पढ़ने का समय|📝 437 शब्द|📅 29 Oct 2020

balbir sidhu

डेली संवाद, चंडीगढ़
राज्य के लोगों को मानक, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन पदार्थ मुहैया करवाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने आज सभी फूड बिजऩस आपरेटरों को दिसंबर 2020 तक फूड सेफ्टी विभाग से स्वयं को रजिस्टर करवाने की हिदायत की है। यहां सैक्टर -34 में डायरैक्टोरेट स्वास्थ्य सेवाओं के कमेटी रूम में फूड सेफ्टी विभाग की मीटिंग की अध्यक्षता करते हुये मंत्री ने कहा कि सभी ढाबा आपरेटरों / फूड हैंडलरों के लिए रजिस्टर्ड मैडीकल प्रैकटीशनरों से हैल्थ फिटनस सर्टिफिकेट लेना भी लाजि़मी किया गया है।

त्यौहारों के सीजन के मद्देनजऱ अचानक चैकिंग करने और जि़ला टीमों के काम की निगरानी के लिए स्टेट टास्क फोर्स की टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने सहायक फूड कमीशनरों और जि़ला स्वास्थ्य अधिकारियों को निरीक्षण और नमूने लेने की प्रक्रिया में तेज़ी लाने के निर्देश भी दिए जिससे मिठाईयों, बेकरी और खाने पीने की वस्तुओं में सिफऱ् अच्छी गुणवत्ता वाला तेल, दूध, पनीर और अन्य सामग्री इस्तेमाल की जा सकें।

फूड बिजऩस आपरेटर दिसंबर तक स्वयं को रजिस्टर करवाएं

सिद्धू ने कहा कि पंजाब में घटिया दर्जे की खाद्य वस्तुएँ बेचने की आज्ञा नहीं दी जाऐगी और यदि कोई उपभोक्ता फूड आपरेटरों के खि़लाफ़ शिकायत दर्ज करवाता है तो समय पर कार्यवाही करना सम्बन्धित अधिकारी की जि़म्मेदारी बनती है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में किसी भी तरह की ढील बर्दाश्त नहीं की जायेगी क्योंकि फूड सेफ्टी विभाग को पौष्टिक और मानक भोजन पदार्थ यकीनी बनाने के लिए नामज़द किया गया है।

कैबिनेट मंत्री ने हिदायत की कि जिलों में से लिए गए नमूनों को प्रोटोकोल के अंतर्गत समय पर खरड़ में स्थित अत्याधुनिक फूड लैब में भेजा जाये। बताने योग्य है कि यह लैब खाद्य का विश्लेषण करने वाली हाई टेक मशीनों से लैस है। लैब के द्वारा घटिया दर्जे के घोषित किये गए नमूनों संबंधी ए.डी.सीज़ के ध्यान में लाया जाता है जिससे ऐसी कार्यवाहियों में शामिल फूड आपरेटर को उपयुक्त जुर्माना किया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि यह जुर्माना 10 लाख रुपए तक का हो सकता है।

छह साल तक की कैद की सज़ा

उन्होंने यह भी बताया कि असुरक्षित पाये जाने वाले नमूनों की रिपोर्ट ज्युडिशियल मैजिस्ट्रेट के पास भेजी जाती है जो फूड आपरेटर को छह साल तक की कैद की सज़ा सुना सकते हैं। उन्होंने राज्य के लोगों से अपील की कि वह बाज़ार में से खाद्य वस्तुएँ खरीदने से पहले इनके मियाद बीतने की तारीख देख कर ही वस्तुओं की खरीददारी किया करें। उन्होंने आगे कहा कि यदि कोई दुकानदार मियाद बीत चुका या घटिया दर्जे का भोजन पदार्थ रखता है तो उल्लंघन करने वाले ऐसे व्यक्तियों के खि़लाफ़ सख़्त कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।

















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