
डेली संवाद, जालंधर/लुधियाना
बीड़ी और सिगरेट के कारोबार से अऱबों रुपए की संपत्तियों के मालिक बने मरवाहा की जालंधर स्थित कोठी से इनकम टैक्स विभाग की टीम को 1 करोड़ रुपए कैश बरामद हुए हैं। पांच दिन से लगातार चली आ रही है छापेमारी और जांच सोमवार को देर रात खत्म हो गई है। इस दौरान इनकम टैक्स विभाग की टीम ने मरवाहा की कोठी से अरबों रुपए की संपत्तियों के कागज भी बरामद की है।
पंजाब में बीड़ी और सिगरेट के कारोबार के लिए मशहूर मरवाहा और उसके बिजनेस से संबंध रखने वाले जालंधर, लुधियाना, नकोदर, कपूरथला समेत कई जगहों पर इनकम टैक्स विभाग की टीम में पांच दिन पहले दबिश दी थी। इसमें जालंधर सहित लुधियाना व कपूरथला में गत वीरवार को INCOME TAX विभाग की छापेमारी गत सोमवार देर रात खत्म हुई।
सूत्रों के अनुसार मरवाहा ग्रुप, सैफरॉन माल, हैवी डार्ट सहित रमाडा, कपूरथला से करीब 2.5 किलो सोना व 1 करोड़ से अधिक नकदी सहित कागजात बरामद किए गए है। छापेमारी के दौरान मरवाहा समेत अन्य कारोबारियों के करीब 15 बैंक खाते और उनके लाकर भी फ्रीज किए गए हैं। यह छापेमारी बीड़ी-सिगरेट मेन्यूफैक्चर करने वाले आई.जे.एम. ग्रुप (मरवाहा) के मालिक चंद्र शेखर मरवाहा सहित कपूरथला के रमाडा होटल के मालिक मनप्रीत सिंह, सैफरॉन माल के मालिक मनमोहन सिंह तथा लुधियाना स्थित हैवी डार्ट के मालिक रणजोध सिंह के निवास सहित कारोबारी ठिकानों पर की गई।
सोना-चांदी और करोड़ रुपए बरामद
इनकम टैक्स विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर दिग्विजय चौधरी के मुताबिक पांच दिन चली छापेमारी और सर्च में करीब 1 करोड़ नकदी, मरवाहा ग्रुप के मालिक चन्द्र शेखर के घर से 1 किलो 400 ग्राम सोना सहित अन्यों से करीब 2.5 किलो सोना बरामद हुआ। कपूरथला के होटल रमाडा के मालिक के घर से 20 लाख रुपए बरामद किए गए। सारी जांच रिपोर्ट जल्द दिल्ली भेज दी जाएगी।
फ्रीज़ किए गए 15 बैंक खाते और लॉकरों बारे चौधरी ने कहा कि इन्हें मात्र फ्रीज किया गया है जबकि इन्हें ऑपरेट अब सर्च समाप्त हिने पश्चात किया जाएगा जिसमे करीब 1 हफ्ता लग सकता है। इस दौरान ट्रांसपोर्टरों से करीब 50 लाख नकदी बरामद की गई है। जिसके चलते कई अन्य लोगों को भी नोटिस भी भेजा जाएगा।
मरवाहा ने खुद करवाया रेड!
जालंधर समेत पंजाब के कारोबारियों और व्यापारियों में चर्चा है कि मरवाहा अपने रसूख के बल पर इनकम टैक्स की रेड खुद करवाई है। हालांकि इनकम टैक्स के अधिकारी इसे नकार रहे हैं। विभाग के एक अधिकारी कहते हैं कि यह सब महज बाते हैं, विभाग के पास पक्के सबूत थे, जिससे विभागीय टीम ने छापेमारी की। ये छापेमारी पांच दिनों तक चली है। इसमें कई और चेहरे अभी सामने आएंगे।








