जालंधर के कांग्रेसी नेता मेजर सिंह को बदनाम करने की बड़ी साजिश, सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर कहा गया कि एफआईआर दर्ज हुई है, पुलिस ने इसे फेक बताया

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⏱️ 4 मिनट पढ़ने का समय|📝 507 शब्द|📅 19 Jan 2021

major singh - simranjit singh

डेली संवाद, जालंधर
पंजाब खादी बोर्ड के डायरेक्टर और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मेजर सिंह पर पुलिस थाने में कोई एफआईआर नहीं दर्ज की गई है। आरटीआई एक्टिविस्ट सिमरनजीत सिंह के एमएलआर के आधार पर पुलिस थाने के रोजनामचे में महज शिकायत दर्ज हुई है, जिसकी जांच संबंधित थाने के विवेचना अधिकारी करेंगे, इसके बाद सभी तथ्य अगर सही पाए गए फिर एफआईआर की प्रक्रिया शुरू होगी। इसकी पुष्टि मेजर सिंह और संबंधित थाने के पुलिस अधिकारी ने की है।

पंजाब खादी बोर्ड के डायरेक्टर और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मेजर सिंह को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट सिमरनजीत सिंह ने अपनी फेसबुक वाल पर एक पोस्ट की है। इसमें उन्होंने दावा किया है कि मेजर सिंह के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। जबकि मेजर सिंह और संबंधित पुलिस थाने के अधिकारी कहते हैं कि ये महज शिकायत है, जिसे रोजनामचे में दर्ज किया गया है न कि कोई एफआईआर दर्ज की गई है।

पुलिस अपनी एमएलआर की बजाए सिमरनजीत के एमएलआर को बना रही आधार

पुलिस थाने के अधिकारियों के मुताबिक कांग्रेस नेता मेजर सिंह और सिमरनजीत सिंह के बीच विवाद चल रहा है। इसी विवाद में सिमरनजीत सिंह ने मेजर सिंह पर मारपीट का आरोप लगाया है। सिमरनजीत की एमएलआर के आधार पर रोजनामचे में शिकायत दर्ज की गई है। इसकी विवेचना अब जांच अधिकारी करेंगे। उसके बाद अगर आरोप सही पाए गए तब एफआईआर हो सकती है। दूसरी तरफ सिमरनजीत सिंह के खिलाफ मारपीट की विवेचना की जा रही है।

मामले में अब नया मोड आया है। मेजर सिंह का दावा है कि पुलिस ने जिस एमएलआर का हवाला देकर डीडीआर दर्ज की है, उसे सिमरनजीत सिंह ने खुद तैयार करवाया है। जबकि इससे पहले रात में पुलिस ने अपने सामने सिमरनजीत सिंह का सिविल अस्पताल में एमएलआर करवाया था, जिसमें मारपीट की कोई निशान नहीं थे। अब पुलिस अपनी एमएलआर की बजाए 12 घंटे बाद सिमरनजीत सिंह द्वारा कराए गए एमएलआर को आधार बना रही है।

यह है मामला

गौरतलब है कि कांग्रेस के नेता मेजर सिंह का आरोप है कि आरटीआई एक्टिविस्ट सिमरनजीत ने उनकी और उनके जानकारों की प्रापर्टी को लेकर आरटीआई डाली है। उनका आरोप था कि वह उन्हें ब्लैकमेल कर रहा है। इसी को लेकर उन्हें पुडा दफ्तर के पीछे बुलाया गया था। वह ट्रैप के तहत एक लाख रुपये लेकर आए थे। उनका आरोप था कि इस दौरान सिमरनजीत ने एक लाख रुपये ले लिए और कहने लगा कि वो तो हर साइट के हिसाब से पैसे लेता है। इसके बाद विवाद बढ़ गया।

मेजर सिंह ने आरोप लगाया है कि सिमरजीत के साथी ने तेजधार हथियार निकालकर हमला करने की कोशिश की थी कि इतने में पुलिस पहुंच गई। इसके बाद सिमरनजीत का साथी मौके से भाग गया उसे उन्होंने पकड़ लिया। दूसरी ओर सिमरनजीत सिंह का कहना है कि उन पर बेबुनियाद आरोप लगाकर उन्हें फंसाया जा रहा है। वह तो अपना काम ईमानदारी से कर रहे हैं। उल्टे मेजर सिंह और उनके साथियों ने उस पर हमला किया है।

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