योगी आदित्यनाथ के मलेरकोटला वाले ट्वीट को कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पंजाब में सांप्रदायिक बखेड़ा खड़ा करने की शर्मनाक कोशिश बताया। योगी को पंजाब के मामलों से दूर रहने और उत्तर प्रदेश में अपने लोगों की जान बचाने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा
डेली संवाद, लखनऊ/चंडीगढ़
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने पंजाब के मुस्लिम बहुल इलाके मालेरकोटला को नया जिला बनाने को लेकर अमरिंदर सरकार पर हमला बोला है. योगी आदित्यनाथ ने इसे कांग्रेस की विभाजनकारी नीति का आईना बताया है. योगी आदित्यनाथ ने हिन्दी में ट्वीट कर पंजाब सरकार पर निशाना साधा. यह जिला (Malerkotla district) चंडीगढ़ से 131 किलोमीटर दूर है. इसे संगरूर जिले से अलग कर बनाया गया है. मालेरकोटला (Malerkotla) पंजाब का 23वां जिला है।
वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने योगी आदित्यनाथ द्वारा पंजाब में मलेरकोटला को 23वां जि़ला घोषित करने पर किए गए ट्वीट की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसको भाजपा की विभाजनकारी नीति के हिस्से के तौर पर शांतमयी राज्य में सांप्रदायिक बखेड़ा खड़ा करने की शर्मनाक कोशिश करार दिया।
भाजपा सरकार ने सांप्रदायिक विवादों को सक्रियता से आगे बढ़ाया
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा उत्साहित की जा रही विभाजनकारी नीतियों के मुकाबले पंजाब में सांप्रदायिक सद्भावना की बात कहते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ को पंजाब के मामलों से दूर ही रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब में उत्तर प्रदेश की भाजपा की विभाजनकारी और विनाशकारी सरकार की अपेक्षा कहीं बढिय़ा माहौल है, जबकि उत्तर प्रदेश में पिछले चार सालों से अधिक समय से भाजपा सरकार ने सांप्रदायिक विवादों को सक्रियता से आगे बढ़ाया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर चुटकी लेते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार और भाजपा के सांप्रदायिक नफऱत फैलाने के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए ऐसी टिप्पणियाँ सरासर बेतुकी और बेबुनियाद हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ख़ासकर उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की विभाजनकारी नीतियों को सारी दुनिया जानती है।
भारत के शान्ति प्रिय लोग कभी भी बर्दाश्त नहीं करेंगे
उत्तर प्रदेश में मुग़ल सराए का नाम पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर, इलाहबाद का नाम प्रयागराज और फैज़ाबाद का नाम अयोध्या बदलने समेत अलग-अलग शहरों के नाम बदलने की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने इस सबको योगी सरकार द्वारा इतिहास को फिर लिखने की कोशिश करार दिया, जिसको भारत के शान्ति प्रिय लोग कभी भी बर्दाश्त नहीं करेंगे।










