किसानों के बीच आक्रोश और बेचैनी के लिए पंजाब नहीं, भाजपा जि़म्मेदार: कैप्टन अमरिंदर सिंह

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⏱️ 5 मिनट पढ़ने का समय|📝 554 शब्द|📅 30 Aug 2021

amrinder singh

डेली संवाद, चंडीगढ़
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने हरियाणा में अपने समकक्ष द्वारा किसानों के आंदोलन की जि़म्मेदारी पंजाब के ऊपर डालते हुए शांतमयी रोष प्रकट कर रहे किसानों पर किए गए आपराधिक हमले के पक्ष के बचाव की कड़ी निंदा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मनोहरलाल खट्टर की टिप्पणियों ने हरियाणा सरकार के किसान विरोधी एजंडे का पर्दाफाश कर दिया है।

पंजाब के मुख्यमंत्री ने एम.एल. खट्टर और उनके डिप्टी दुष्यंत चौटाला को याद करवाया कि भारतीय जनता पार्टी की मीटिंग के विरोध में प्रदर्शन कर रहे जिन किसानों पर लाठीचार्ज करवाया गया था, वह पंजाब के नहीं हरियाणा के किसान थे। कैप्टन अमरिन्दर ने यह प्रतिक्रिया खट्टर और चौटाला द्वारा कृषि कानूनों के खि़लाफ़ किसान आंदोलन के पीछे पंजाब का हाथ होने के लगाए गए दोषों के संदर्भ में दी।

सीधे तौर पर भाजपा जि़म्मेदार

किसानों की नाराजग़ी के लिए सीधे तौर पर भाजपा को जि़म्मेदार ठहराते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि संकट इस हद तक गहराया ना होता, यदि हरियाणा के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री समेत भारतीय जनता पार्टी ने शांतमयी किसानों पर हुए घृणित हमले के लिए शर्मनाक ढंग से झूठ बोलने की बजाय किसानों की चिंताओं की तरफ ध्यान दिया होता और उनके दर्द का एहसास होता।

उन्होंने खट्टर के इस दावे को भी रद्द कर दिया कि किसानों द्वारा राज्य की अमन-शांति में गड़बड़ी पैदा किए जाने के बाद ही हरियाणा पुलिस ने अपने बल का प्रयोग किया था। उन्होंने कहा कि एस.डी.एम. द्वारा किसानों पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस कर्मचारियों को स्पष्ट हिदायतें दिए जाने की वायरल हुई वीडियो ने हरियाणा के मुख्यमंत्री के झूठ पर से पर्दा उठा दिया है।

किसान अपनी हद की लड़ाई लड़ रहे हैं

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने हरियाणा के नेताओं को कहा, ‘‘आपको यह नहीं दिखता कि आपके अपने राज्य के किसान उनके प्रति उदासीन रवैया अपनाने और कृषि कानून रद्द करने के लिए आपकी पार्टी द्वारा टस से मस ना होने के कारण वह आप से खफ़़ा हैं?’’ उन्होंने आगे कहा कि किसान अपनी हद की लड़ाई लड़ रहे हैं और उनको अपने और अपने परिवारों की रक्षा के लिए पंजाब या किसी अन्य राज्य के उकसावे में आने की ज़रूरत नहीं है।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि कोविड की महामारी के दरमियान भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा थोपे गए अलोकतांत्रिक कृषि कानूनों के सम्बन्ध में समूचे देश की संवेदना किसानों के साथ है। उन्होंने कहा कि इन कानूनों को रद्द करने से इन्कार करने की भाजपा की हठधर्मी यह सिद्ध करती है कि इसमें भाजपा और उनकी लीडरशिप के संकुचित हित छिपे हुए हैं, जो एक बार फिर आम आदमी पर अपने पूँजीपति मित्रों का प्रभाव डालना चाहती है।

भाजपा को अपने गुनाहों की कीमत चुकानी पड़ेगी

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि कृषि क्षेत्र में आपकी पार्टी द्वारा पैदा की गई गड़बड़ी के लिए पंजाब को जि़म्मेदार ठहराने की बजाय आप कृषि कानून रद्द करो। उन्होंने चेतावनी दी कि अलग-अलग राज्यों में होने वाले आगामी विधान सभा चुनावों और इसके बाद अन्य चुनावों के दौरान भाजपा को अपने गुनाहों की कीमत चुकानी पड़ेगी। खट्टर सरकार द्वारा किसानों के आंदोलन को जबरन ख़त्म करने की बार-बार की जा रही कोशिशों और भाजपा के अलग-अलग नेताओं द्वारा किसानों के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करना, उनकी पार्टी पर ही उल्टा पड़ेगा।

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