चंडीगढ़। कांग्रेस की प्रधानगी से इस्तीफा देने वाले नवजोत सिंह सिद्धू ने एक बार फिर से अपनी सरकार और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ मुखर हो गए हैं। सिद्धू ने कहा है कि 30 दिनों का कोयला स्टॉक नहीं करने वाले निजी थर्मल प्लांटों पर जुर्माना लगाना चाहिए। साथ ही सिद्धू ने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि अब निजी थर्मल प्लांटों पर निर्भरता कम करते हुए मुख्यमंत्री को तेजी से सोलर बिजली खरीद के समझौते करने चाहिए।
पंजाब में बिजली के मुद्दे पर इससे पहले भी नवजोत सिंह सिद्धू मुखर रहे हैं। उन्होंने हमेशा ही भाजपा और अकाली सरकार के निजी बिजली खरीद समझौतों को रद्द करने की वकालत की। कैप्टन जब मुख्यमंत्री थे तब सिद्धू ने समझौतों को रद्द नहीं करने के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया था।
थर्मल प्लांटों में कोयले संकट उत्पन्न हो गया
अब कैप्टन नहीं हैं तो नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी सिद्धू के सवालों से घिरते नजर आ रहे हैं। इससे पहले नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा था आम लोगों को जो बिजली तीन से पांच रुपये यूनिट मिलनी चाहिए थी, उसके लिए वह 11 रुपये प्रति यूनिट चुका रहे हैं। इन दिनों पंजाब में थर्मल प्लांटों में कोयले संकट उत्पन्न हो गया है। इसका सीधा असर बिजली उत्पादन पर पड़ रहा है।
बिजली संकट के बीच रविवार को फिर सिद्धू सरकार पर हमलावर हो गए। उन्होंने ट्वीट कर निजी बिजली खरीद समझौतों पर कहा है कि सरकार को इन समझौतों की निगरानी और निपटने की तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने लिखा है कि नियमों की अवहेलना करने वाले थर्मल प्लांटों के खिलाफ सरकार को जुर्माने की कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने सरकार को सोलर बिजली खरीदने पर भी जोर दिया।









