जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में बड़ी धांधली, सरकारी खजाने से 6 लाख रुपए निकाल कर अफसर और उनके बेटे के लिए खरीदे गए iPhone

Daily Samvad
4 Min Read
Punjab Government
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now
⏱️ 5 मिनट पढ़ने का समय|📝 579 शब्द|📅 29 Mar 2022

jit 1

डेली संवाद, जालंधर
इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में बड़ी धांधली सामने आई है। सरकारी खजाने से करीब 6 लाख रुपए निकाल कर एक अफसर औऱ उनके बेटे के लिए आईफोन खऱीदा गया है। सत्ता परिवर्तन के बाद जिस वक्त सूबे के मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनके विधायक करप्शन को खत्म करने की कसमें खा रहे हैं, उसी समय जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में यह कारनामा हो गया।

जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के एक क्लर्क के नाम से पहले एक लाख और फिर बाद में पांच लाख रुपए के दो चेक बनाए जाते हैं। हैरानी की बात तो यह है कि एकाउंटेंट बिना किसी आब्जक्शन के दोनों चेक बनाता है और उसे ईओ पास भी कर देते हैं। जबकि नियमानुसार दो लाख रुपए से ज्यादा की रकम को पास करने का अधिकार न तो एकाउंटेंट के पास है और न ही ईओ के पास।

एक लाख रुपए एडवांस इलेक्शन के दौरान लिए गए

ट्रस्ट से जुड़े सूत्र बता रहे हैं कि पहले एक लाख रुपए एडवांस इलेक्शन के दौरान लिए गए। क्लर्क द्वारा हवाला दिया गया कि इस रकम से इंप्रूवमेंट ट्रस्ट आफिस में ड्यूटी कर रहे मुलाजिमों के भोजन का प्रबंध किया जाना है। कहा जा रहा है कि इस एक लाख रुपए का बिल क्लर्क ने एकाउंटेंट के पास जमा करवा दिया।

इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के क्लर्क ने पिछले दिनों फिर से पांच लाख रुपए एडवांस मांगा। जिस पर एकाउंटेंट ने चेक बनाया और ईओ परमिंदर सिंह गिल ने उसे पास भी कर दिया। हैरानी की बात तो यह है कि एकाउंटेंट औऱ ईओ के पास दो लाख रुपए से ज्यादा के एडवांस की रकम जारी करने के अधिकार भी नहीं है।

ईओ के आदेश पर चेक बनाकर जारी किया

इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के एकाउंटेंट आशीष के मुताबिक क्लर्क ने पहले एक लाख रुपए का एडवांस लिया, ईओ के आदेश पर चेक बनाकर जारी किया। कुछ दिन में इस एक लाख रुपए का बिल क्लर्क ने दे दिया। इसके बाद उक्त क्लर्क ने फिर से पांच लाख रुपए का एडवांस मांगा, ईओ की इजाजत के बाद पांच लाख रुपए का चेक बना दिया। एकाउंटेंट से जब पूछा गया कि आपके पास दो लाख से ज्यादा के अधिकार नहीं है, तो उसका जवाब था कि अफसर का प्रेशर था।

एकाउंटेंट आशीष ने कहा है कि अगर पांच लाख रुपए का बिल क्लर्क नहीं देगा, तो उसके रिकवरी की जाएगी। उधर, ईओ परमिंदर सिंह गिल ने कहा है कि इस संबंध में क्लर्क और एकाउंटेंट से पूछताछ करेंगे। अगर मामला गबन का निकला तो एकाउंटेंट और क्लर्क के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश करेंगे।

ईओ के पास दो लाख रुपए से ज्यादा रिलीज करने का अधिकार ही नहीं

हैरानी की बात तो यह है कि जब ईओ के पास दो लाख रुपए से ज्यादा रिलीज करने का अधिकार ही नहीं है, तो एक क्लर्क को पांच लाख रुपए एडवांस कैसे दे दिया गया? इस सवाल पर ईओ परमिंदर सिंह गिल भी कुछ नहीं बोले। उधर, ट्रस्ट में चर्चा है कि उक्त पांच लाख रुपए से दो आईफोन खरीदे गए हैं, ये दोनों फोन अफसर को गिफ्ट किए गए हैं। एक फोन अफसर खुद चला रहा है, तो दूसरा फोन उक्त अफसर का बेटा यूज कर रहा है।

इस संबंध में एक शिकायत चीफ विजीलैंस अफसर राजीव सेखड़ी से की गई है। सेखड़ी ने कहा है कि शिकायत आई है, जिसकी जांच शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार धन के दुरुपयोग को लेकर क्लर्क, एकाउंटेंट और ईओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है।

CM का बड़ा फैसला, पूर्व विधायकों की उड़ गई नींद

















Share This Article
Follow:
Daily Samvad एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जहां हम देश-दुनिया, राजनीतिक विश्लेषण, प्रदेश, शिक्षा, बिज़नेस, मनोरंजन, खेल, स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र की ख़बरें सरल भाषा में आप तक पहुंचाते हैं। हमारा उद्देश्य है—जनता की आवाज़ बनकर निष्पक्ष पत्रकारिता को आगे बढ़ाना। डेली संवाद ऑनलाइन के महाबीर जायसवाल फाउंडर चीफ एडिटर हैं। वे राजनीति, अपराध, देश-दुनिया की खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीति की खबरों से की, जबकि उनके पास, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग से लेकर एडिटर तक 25 साल से अधिक पत्रकारिता का अनुभव है। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र शेखावत के Media Consultant भी रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद की यूनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन, बीए और एमए की डिग्री हासिल की है। संपर्क नंबर: +91-98881-90945 ईमेल: mmmmediahouse@gmail.com
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *